रायपुर। राष्ट्रीय उत्कृष्टता सम्मान समारोह के दौरान प्रदेश के विभिन्न जिलों के मेधावी विद्यार्थियों और उत्कृष्ट जिला शिक्षा अधिकारियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि राज्यपाल रमेन डेका ने विद्यार्थियों से तकनीक का संतुलित उपयोग करने और अपनी सोच को मजबूत बनाने का आह्वान किया।
राष्ट्रीय उत्कृष्टता सम्मान समारोह की प्रमुख बातें
- रायपुर में पीएसवाय एजुकेशन एंड रिसर्च फेडरेशन ने किया आयोजन।
- मेधावी विद्यार्थियों और शिक्षा अधिकारियों को सम्मान मिला।
- मोबाइल और डिजिटल एडिक्शन से दूर रहने की सलाह।
- राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अवसरों पर चर्चा।
- विद्यार्थियों को बड़े लक्ष्य तय करने का संदेश।
राष्ट्रीय उत्कृष्टता सम्मान समारोह में राज्यपाल का संदेश
राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि आधुनिक तकनीक शिक्षा को आसान बना रही है। हालांकि, सफलता के लिए मेहनत, अनुशासन और मौलिक सोच सबसे अधिक जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि गूगल और कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपयोगी साधन हैं, लेकिन वे मानव बुद्धि का स्थान नहीं ले सकते।
उन्होंने विद्यार्थियों से मोबाइल का उपयोग केवल आवश्यक कार्यों और अध्ययन तक सीमित रखने की अपील की। साथ ही अभिभावकों से कहा कि वे बच्चों की रुचि और क्षमता के अनुसार उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करें।
शिक्षा और भविष्य पर दिया विशेष जोर
कार्यक्रम में विधायक धरमलाल कौशिक ने कहा कि शिक्षा ही उज्ज्वल भविष्य का सबसे मजबूत आधार है। विधायक पुरंदर मिश्रा ने अनुशासन और निरंतर सीखने की आदत को सफलता की कुंजी बताया।
समारोह में प्रदेश के विभिन्न संभागों से आए विद्यार्थी, शिक्षक, जिला शिक्षा अधिकारी और अभिभावक शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित भी किया गया।
एक नजर में
- मेधावी विद्यार्थियों को सम्मान मिला।
- डिजिटल एडिक्शन से बचने का संदेश।
- एआई के संतुलित उपयोग पर जोर।
- अभिभावकों को बच्चों की प्रतिभा पहचानने की सलाह।
- नई शिक्षा नीति के अवसरों पर चर्चा।

