संसद के मानसून सत्र के नौवें दिन लोक परीक्षा विधेयक को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। लोकसभा में विपक्ष के हंगामे के कारण कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित करनी पड़ी। वहीं, राज्यसभा में विधेयक पर चर्चा के दौरान विपक्षी सांसदों ने वॉकआउट कर सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया।
सरकार और विपक्ष के बीच परीक्षा प्रणाली, जवाबदेही और अन्य राजनीतिक मुद्दों पर भी तीखी बयानबाजी हुई। इससे संसद का माहौल पूरे दिन गर्म बना रहा।
लोक परीक्षा विधेयक पर राज्यसभा में क्या हुई चर्चा?
राज्यसभा में लोक परीक्षा विधेयक पर चर्चा के दौरान कई विपक्षी दलों ने सरकार से कड़े सवाल पूछे। तृणमूल कांग्रेस के सांसद कीर्ति आजाद ने पूछा कि केवल जुर्माना बढ़ाने और सजा कठोर करने से पेपर लीक की घटनाएं कैसे रुकेंगी।
उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही तय किए बिना नए कानून से अपेक्षित परिणाम नहीं मिलेंगे। चर्चा के बीच विपक्षी सांसदों ने हंगामा किया और सदन से वॉकआउट कर दिया।
जेपी नड्डा ने विपक्ष पर लगाए आरोप
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि सरकार हर विषय पर चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष लगातार सदन की कार्यवाही बाधित कर रहा है और बार-बार अपना रुख बदल रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने विपक्ष की मांग के अनुसार चर्चा का समय तय किया है। इसके बावजूद व्यवधान पैदा करना उचित नहीं है।
लोक परीक्षा विधेयक पर विपक्ष ने उठाई जवाबदेही की मांग
झारखंड मुक्ति मोर्चा की सांसद महुआ माजी ने कहा कि लोक परीक्षा विधेयक के साथ पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना भी जरूरी है। उनका कहना था कि कठोर कानून बनाते समय निर्दोष लोगों की सुरक्षा का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।
माकपा सांसद जॉन ब्रिटास ने कहा कि केवल कानून पारित करने से समस्या समाप्त नहीं होगी। परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की आवश्यकता है।
अन्य मुद्दों पर भी हुई राजनीतिक बयानबाजी
कांग्रेस सांसद अमर सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष के सवालों का जवाब देने से बच रही है। वहीं, कपिल सिब्बल ने पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर गृह मंत्री से जवाब मांगा।
दूसरी ओर, भाजपा सांसद दामोदर अग्रवाल ने कहा कि विपक्ष संसद के भीतर चर्चा करने के बजाय राजनीतिक माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई मुद्दों को अनावश्यक रूप से बढ़ाया जा रहा है।
मुख्य बातें
- लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित रही।
- राज्यसभा में परीक्षा संशोधन विधेयक पर चर्चा हुई।
- विपक्षी सांसदों ने सदन से वॉकआउट किया।
- जेपी नड्डा ने विपक्ष पर कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया।
- परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही बढ़ाने की मांग उठी।
बड़ी अपडेट
- पेपर लीक रोकने के उपायों पर सवाल उठे।
- पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था की मांग दोहराई गई।
- सरकार ने चर्चा के लिए तैयार होने का दावा किया।
- विपक्ष ने कई राजनीतिक मुद्दों पर सरकार को घेरा।
- संसद में पूरे दिन आरोप-प्रत्यारोप जारी रहे।

