मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने लोकसभा में पारित लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि परीक्षा माफिया के खिलाफ यह कानून युवाओं के हितों की रक्षा करेगा और परीक्षा व्यवस्था को अधिक निष्पक्ष बनाएगा।
मुख्य बातें
- लोकसभा में संशोधन विधेयक पारित।
- परीक्षा माफिया पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान।
- प्रश्नपत्र लीक और नकल पर लगेगी रोक।
- परीक्षा एजेंसियों की जवाबदेही बढ़ेगी।
- युवाओं के भविष्य की सुरक्षा पर जोर।
परीक्षा माफिया पर होगी प्रभावी कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाएं युवाओं की मेहनत और भविष्य का आधार होती हैं। प्रश्नपत्र लीक और संगठित परीक्षा अपराध पूरी व्यवस्था को प्रभावित करते हैं।
उन्होंने कहा कि संशोधन विधेयक ऐसे अपराधों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई को और मजबूत बनाएगा। इससे योग्य अभ्यर्थियों के हितों की बेहतर सुरक्षा होगी।
परीक्षा माफिया के खिलाफ कानून हुआ और सख्त
मुख्यमंत्री ने कहा कि संशोधन के बाद परीक्षा अपराधों के लिए दंडात्मक प्रावधान अधिक कठोर होंगे। इससे संगठित गिरोहों और अनियमितताओं में शामिल लोगों पर प्रभावी अंकुश लगेगा।
उन्होंने कहा कि परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसियों और सेवा प्रदाताओं की जवाबदेही भी तय की गई है। इससे पूरी परीक्षा प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनेगी।
युवाओं के हितों को मिलेगी मजबूती
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार लगातार युवाओं के हित में सुधार कर रही है। नई शिक्षा नीति, कौशल विकास और डिजिटल पारदर्शिता जैसे कदम इसी दिशा का हिस्सा हैं।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए जरूरी है कि हर युवा को उसकी योग्यता के आधार पर निष्पक्ष अवसर मिले। नया कानून इसी उद्देश्य को मजबूत करेगा।
प्रमुख अपडेट
- मुख्यमंत्री ने विधेयक का स्वागत किया।
- परीक्षा माफिया पर सख्त कार्रवाई होगी।
- प्रश्नपत्र लीक पर प्रभावी नियंत्रण की तैयारी।
- परीक्षा एजेंसियों की जवाबदेही बढ़ेगी।
- निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था को मिलेगा बल।

