ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के 10वें दिन भारत की पदकों की बारिश देखने को मिली। भारतीय खिलाड़ियों ने महज आधे घंटे के भीतर दो स्वर्ण, एक रजत और एक कांस्य पदक जीतकर शानदार प्रदर्शन किया। इस उपलब्धि के साथ भारत के कुल पदकों की संख्या बढ़कर 27 हो गई। भारतीय दल सात स्वर्ण पदकों के साथ पदक तालिका में मजबूत स्थिति में पहुंच गया।
भारत की पदकों की बारिश में मुक्केबाजों ने निभाई अहम भूमिका
भारतीय मुक्केबाजों ने दिन का सबसे यादगार प्रदर्शन किया। प्रीति पवार ने महिला 54 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में कनाडा की स्कार्लेट डेलगाडो को 5-0 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। इसके कुछ ही मिनट बाद जैस्मिन लंबोरिया ने महिला 57 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में नॉर्दर्न आयरलैंड की मिकेला वॉल्श को 5-0 से मात देकर दूसरा स्वर्ण अपने नाम किया।
इसी दौरान ट्रिपल जंप में प्रवीण चित्रावेल ने रजत और सेल्वा प्रभु ने कांस्य पदक जीतकर भारत की पदकों की बारिश को और यादगार बना दिया।
मुख्य बातें
- आधे घंटे में भारत ने चार पदक जीते।
- मुक्केबाजी में दो स्वर्ण पदक मिले।
- ट्रिपल जंप में रजत और कांस्य हासिल हुआ।
- भारत के कुल पदक 27 हो गए।
- सात स्वर्ण के साथ भारत का प्रदर्शन मजबूत रहा।
कई खेलों में भारतीय खिलाड़ियों ने बढ़ाया देश का गौरव
कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत को अब तक भारोत्तोलन, जूडो, पैरा एथलेटिक्स, एथलेटिक्स और मुक्केबाजी से लगातार पदक मिले हैं। मीराबाई चानू, अस्मिता डे, हर्ष सिंह, शर्मिला धनखड़ और दिलीप गावित पहले ही स्वर्ण जीत चुके थे।
अब प्रीति पवार और जैस्मिन लंबोरिया की सफलता ने भारत की पदकों की बारिश को नई ऊंचाई दी है। इससे भारतीय दल का आत्मविश्वास भी बढ़ा है।
भारत की पदकों की बारिश से बढ़ीं आगे की उम्मीदें
कॉमनवेल्थ गेम्स के कई मुकाबले अभी बाकी हैं। भारत के कई खिलाड़ी अभी भी स्वर्ण पदक की दौड़ में बने हुए हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में पदकों की संख्या और बढ़ने की संभावना है।
भारतीय खिलाड़ियों की निरंतर सफलता यह दिखाती है कि भारत की पदकों की बारिश केवल एक दिन तक सीमित नहीं है। यदि यही लय बनी रही, तो भारत पदक तालिका में और ऊपर पहुंच सकता है।
एक नजर में
- कुल 27 पदक भारत के नाम।
- सात स्वर्ण, 13 रजत और सात कांस्य।
- प्रीति पवार और जैस्मिन लंबोरिया ने जीते गोल्ड।
- ट्रिपल जंप में दो भारतीय खिलाड़ियों ने पदक जीते।
- कई फाइनल मुकाबले अभी बाकी हैं।

