राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत के प्रस्तावित जेन-जी कार्यक्रम से पहले कॉकरेच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने युवाओं की भागीदारी पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि युवाओं से संवाद एक सकारात्मक पहल है। हालांकि, यदि इसका नेतृत्व भी युवा करें तो इसका प्रभाव अधिक व्यापक हो सकता है। साथ ही उन्होंने झारखंड में कथित पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों का मुद्दा भी उठाया।
जेन-जी कार्यक्रम को लेकर क्या बोले अभिजीत दीपके
अभिजीत दीपके ने कहा कि युवाओं को केवल श्रोता नहीं, बल्कि संवाद का नेतृत्व करने का अवसर भी मिलना चाहिए। उनके अनुसार, देश की नई पीढ़ी आज कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी स्पष्ट राय रख रही है।
6 अगस्त को मुंबई में होने वाले कार्यक्रम में 15 से 19 वर्ष आयु वर्ग के 2,000 से अधिक छात्र भाग लेंगे। ये छात्र देश के 100 से ज्यादा शहरों से आएंगे। दीपके ने इस पहल का स्वागत किया, लेकिन युवा प्रतिनिधित्व बढ़ाने की आवश्यकता भी बताई।
मुख्य बातें
- 6 अगस्त को मुंबई में छात्रों का विशेष कार्यक्रम।
- 100 से अधिक शहरों के छात्र होंगे शामिल।
- 2,000 से ज्यादा जेन-जी और जेन-अल्फा छात्र भाग लेंगे।
- अभिजीत दीपके ने युवा नेतृत्व की मांग उठाई।
- संवाद को सकारात्मक लेकिन सुधार योग्य बताया।
झारखंड छात्र आंदोलन का भी किया उल्लेख
जेन-जी कार्यक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया के दौरान अभिजीत दीपके ने झारखंड में चल रहे छात्र आंदोलन का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों को पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि आंदोलनकारी छात्रों से उनकी बातचीत हुई है। छात्रों ने प्रदर्शन स्थल पर मूलभूत सुविधाओं की कमी की जानकारी दी। दीपके ने कहा कि उनकी पार्टी आंदोलनरत छात्रों के समर्थन में खड़ी रहेगी।
जेन-जी कार्यक्रम के बीच छात्रों की प्रमुख मांगें
झारखंड में प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने भर्ती परीक्षाओं में कथित पेपर लीक की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि मामले की जांच राज्य के बाहर के हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की स्वतंत्र समिति से कराई जानी चाहिए।
छात्रों ने पहले भी सीबीआई और ईडी से जांच कराने की मांग रखी थी। उनका आरोप है कि कथित भर्ती घोटाले में बड़े स्तर पर वित्तीय अनियमितताएं हुई हैं।
मुख्य अपडेट
- छात्र 29 जुलाई से लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं।
- स्वतंत्र जांच समिति बनाने की मांग।
- सीबीआई और ईडी जांच की मांग दोहराई गई।
- सीजेपी ने आंदोलन को समर्थन दिया।
- भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग तेज हुई।
युवा प्रतिनिधित्व पर क्यों बढ़ रही है चर्चा
जेन-जी कार्यक्रम के बहाने युवाओं की भागीदारी और नेतृत्व पर नई बहस शुरू हो गई है। शिक्षा, रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे विषयों पर युवाओं की सक्रियता लगातार बढ़ रही है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि संवाद कार्यक्रम युवाओं की सोच को समझने का अवसर देते हैं। वहीं कई सामाजिक और राजनीतिक समूह युवा नेतृत्व को और अधिक महत्व देने की मांग कर रहे हैं।

