छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं को सहेजने के उद्देश्य से लोक कला संरक्षण योजना के तहत प्रदेश के लोक कलाकारों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। संस्कृति एवं राजभाषा संचालनालय द्वारा संचालित इस पहल का उद्देश्य लोक कलाओं का संरक्षण, कलाकारों का सम्मान और आर्थिक सशक्तीकरण सुनिश्चित करना है। आवेदन 31 अगस्त 2026 तक स्वीकार किए जाएंगे।
मुख्य बातें
- आवेदन की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2026।
- चयनित कलाकारों को 12 से 24 हजार रुपये तक वार्षिक सहायता।
- चिन्हारी पोर्टल में पंजीयन अनिवार्य।
- विभिन्न लोक कला विधाओं के कलाकार पात्र।
- आवेदन पंजीकृत डाक से भेजना होगा।
लोक कला संरक्षण योजना से कलाकारों को मिलेगा लाभ
इस योजना में लोक नृत्य, लोक संगीत, लोक नाट्य, लोकगाथा, छत्तीसगढ़ी गीतकार, वाद्ययंत्र वादक, शिल्प कला, पारंपरिक व्यंजन और सौंदर्यकला से जुड़े कलाकार आवेदन कर सकते हैं।
इच्छुक अभ्यर्थियों को निर्धारित प्रारूप में आवेदन भरकर संस्कृति एवं राजभाषा संचालनालय को भेजना होगा। आवेदन पत्र विभाग की वेबसाइट और कार्यालय दोनों स्थानों से प्राप्त किए जा सकते हैं।
लोक कला संरक्षण योजना के लिए पात्रता तय
योजना का लाभ केवल उन कलाकारों को मिलेगा जिनकी वार्षिक आय सभी स्रोतों से 96 हजार रुपये से अधिक नहीं है। आवेदन के साथ आय प्रमाण-पत्र, बैंक खाते का विवरण, आईएफएससी कोड और पैन कार्ड की प्रति संलग्न करना अनिवार्य होगा।
चयनित कलाकारों को प्रतिवर्ष 12 हजार से 24 हजार रुपये तक की प्रोत्साहन राशि सीधे ई-पेमेंट के माध्यम से प्रदान की जाएगी।
सांस्कृतिक विरासत को मिलेगा नया आधार
राज्य सरकार का मानना है कि इस योजना से पारंपरिक लोक कलाओं को नई पहचान मिलेगी। साथ ही कलाकारों को आर्थिक सहयोग मिलने से वे अपनी कला का संरक्षण और संवर्धन बेहतर ढंग से कर सकेंगे। इससे नई पीढ़ी भी प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जुड़ सकेगी।
प्रमुख अपडेट
- 31 अगस्त तक आवेदन स्वीकार होंगे।
- चिन्हारी पोर्टल में पंजीयन आवश्यक।
- 12 से 24 हजार रुपये तक वार्षिक सहायता।
- आय सीमा 96 हजार रुपये निर्धारित।
- विभिन्न लोक कला विधाओं को योजना में शामिल किया गया।

