उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जिले में अवैध पटाखा निर्माण के दौरान बड़ा हादसा हुआ। पिपरी थाना क्षेत्र के चिल्ला शाहबाजी गांव में 31 अगस्त की सुबह विस्फोट हुआ।
पुलिस के अनुसार, घटना करीब 11:30 बजे हुई। हादसे में 11 लोगों की जान चली गई। वहीं, पांच लोग गंभीर रूप से घायल बताए गए हैं। घटना के बाद पुलिस और प्रशासन ने जांच शुरू कर दी।
पटाखा फैक्टरी विस्फोट मामले में पुलिस विभाग ने भी कार्रवाई की है। प्रथम दृष्टया लापरवाही सामने आने के बाद सात पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है।
तत्कालीन थाना प्रभारी समेत सात पुलिसकर्मी निलंबित
पुलिस महानिरीक्षक प्रयागराज परिक्षेत्र की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, संबंधित पुलिसकर्मियों पर कर्तव्यों में लापरवाही का आरोप है।
निलंबित अधिकारियों में निरीक्षक शिवचरण राम शामिल हैं। इसके अलावा उपनिरीक्षक विकास सिंह, विनय सिंह और अजीत कुमार सिंह पर भी कार्रवाई हुई है।
उपनिरीक्षक अभिषेक गुप्ता, मनीष पाल और अमित द्विवेदी को भी निलंबित किया गया है। विभाग ने प्रथम दृष्टया आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने को गंभीरता से लिया है।
पटाखा फैक्टरी विस्फोट में पुलिस की भूमिका पर सवाल
हादसे के बाद पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठे हैं। जांच में यह देखा जा रहा है कि अवैध गतिविधियां चलने की जानकारी के बावजूद प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
पुलिस विभाग ने फिलहाल सात कर्मियों को निलंबित किया है। आगे की जांच में जिम्मेदारी के अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा सकती है।
संचालक का परमिट पहले ही निलंबित था
जांच में फैक्टरी संचालक से जुड़ा पुराना रिकॉर्ड भी सामने आया है। आरोपी नौशाद अली के पटाखा निर्माण और भंडारण संबंधी परमिट को पहले ही निलंबित किया जा चुका था।
जानकारी के मुताबिक, अनियमितता मिलने के बाद 4 अप्रैल 2024 को अनुमति निलंबित की गई थी। इसके बाद भी अवैध रूप से पटाखा निर्माण और भंडारण किए जाने का आरोप सामने आया।
अक्टूबर 2024 में आरोपी के खिलाफ अवैध पटाखा फैक्टरी चलाने का मुकदमा भी दर्ज हुआ था। इसके बाद उसे जेल भेजे जाने की जानकारी दी गई है।
जेल से बाहर आने के बाद दोबारा संचालन का आरोप
पुलिस के मुताबिक, आरोपी के जेल से बाहर आने के बाद कथित तौर पर अवैध फैक्टरी फिर संचालित होने लगी थी।
इसी दौरान 31 अगस्त को पटाखा फैक्टरी विस्फोट की घटना हुई। इस हादसे ने अवैध पटाखा निर्माण और सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
मामले में पिपरी थाने में छह आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अब घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
हादसे में 11 लोगों की मौत
विस्फोट के कारण 11 लोगों की मौत होने की जानकारी सामने आई है। पांच लोग गंभीर रूप से घायल बताए गए हैं। घटना के बाद राहत और बचाव कार्य के साथ जांच भी शुरू की गई।
पटाखा फैक्टरी विस्फोट के बाद प्रशासन की कार्रवाई का दायरा बढ़ा है। अब अवैध संचालन के साथ निगरानी और जिम्मेदारी से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है।
हालांकि, जांच पूरी होने के बाद ही सभी तथ्यों की स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।


