शहरों में नागरिक सुविधाओं को मिलेगी प्राथमिकता
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने शहरों में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सभी स्वीकृत कार्य समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि शहरी विकास का उद्देश्य केवल नई अधोसंरचना तैयार करना नहीं है। नागरिकों को बेहतर पेयजल, सड़क, प्रकाश और स्वच्छता सुविधाएं भी मिलनी चाहिए। इसलिए योजनाओं की नियमित निगरानी जरूरी है।
चार शहरों में 240 ई-बसों की तैयारी
सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक बनाने के लिए रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और कोरबा का चयन किया गया है। इन चार शहरों में कुल 240 ई-बसें संचालित करने की तैयारी है।
अधिकारियों के अनुसार, बस संचालन से जुड़ी जरूरी अधोसंरचना मार्च 2027 से पहले पूरी करने का लक्ष्य है। ई-बस सेवा शुरू होने से यात्रियों को सुविधाजनक और बेहतर परिवहन विकल्प मिलेगा।
पर्यावरण के लिए भी अहम होगी ई-बस सेवा
ई-बसों के संचालन से सार्वजनिक परिवहन को अधिक पर्यावरण-अनुकूल बनाने में मदद मिलेगी। इससे शहरों में स्वच्छ परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, नागरिकों को आधुनिक सार्वजनिक परिवहन की सुविधा उपलब्ध होगी।
सरकार का जोर ई-बस सेवा को आवश्यक अधोसंरचना के साथ समय पर शुरू करने पर है।
अमृत मिशन के काम होंगे तेज
अमृत मिशन 2.0 की समीक्षा के दौरान धीमी प्रगति पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताई। उन्होंने लंबित कार्यों को मिशन मोड में पूरा करने के निर्देश दिए।
शहरी क्षेत्रों में शत-प्रतिशत पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करना प्राथमिकता बताई गई। इसके अलावा, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण में आधुनिक तकनीक और गुणवत्ता का ध्यान रखने को कहा गया।
नालंदा परिसर से युवाओं को मिलेगी सुविधा
प्रदेश के 38 नगरीय निकायों में नालंदा परिसर निर्माण की स्वीकृति दी गई है। इनमें 31 परिसरों का निर्माण कार्य वर्तमान में जारी है।
इन परिसरों में युवाओं के लिए सेंट्रल लाइब्रेरी और रीडिंग जोन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
स्वच्छता और हरित क्षेत्रों पर भी जोर
स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में रायपुर ने बेहतर प्रदर्शन किया है। 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में रायपुर को देश में छठा स्थान मिला है। शहर ने 189 अंक हासिल किए।
मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि के लिए संबंधित टीम को बधाई दी। उन्होंने कम हरित क्षेत्र वाले इलाकों की पहचान करने के निर्देश दिए। साथ ही, बड़े स्तर पर पौधरोपण और उद्यान विकास पर जोर दिया।
कचरा प्रबंधन को बनाया जाएगा वैज्ञानिक
शहरी ठोस अपशिष्ट के बेहतर प्रबंधन के लिए प्रत्येक नगरीय निकाय में प्रोसेसिंग प्लांट की दिशा में काम होगा। इसका उद्देश्य कचरे के वैज्ञानिक निपटारे को मजबूत करना है।
वहीं, ई-बस सेवा के साथ स्वच्छता और हरित परिवहन को बढ़ावा देने की योजना शहरों को अधिक टिकाऊ बनाने में मदद करेगी।
आवास और नागरिक शिकायतों पर भी नजर
प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 1.0 और 2.0 की भी समीक्षा हुई। मुख्यमंत्री ने पात्र हितग्राहियों को जल्द आवास उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की शिकायतों की स्थिति भी देखी गई। अधिकारियों को नागरिकों की समस्याओं का त्वरित और प्रभावी समाधान करने को कहा गया।
800 करोड़ से स्थापित होंगे सीबीजी प्लांट
प्रदेश के आठ नगरीय निकायों में करीब 800 करोड़ रुपये की लागत से कम्प्रेस्ड बायो गैस प्लांट लगाए जा रहे हैं। इन परियोजनाओं से स्वच्छ और सतत ईंधन को बढ़ावा मिलेगा।
इसके अलावा, नगरीय निकायों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए राजस्व और कर संग्रह बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।
एक नजर में
- 240 ई-बसें: चार प्रमुख शहरों में संचालन प्रस्तावित।
- 38 नालंदा परिसर: 31 का निर्माण जारी।
- 200 करोड़ रुपये: आदर्श शहर समृद्धि योजना के लिए बजट प्रावधान।
- 800 करोड़ रुपये: आठ निकायों में सीबीजी प्लांट के लिए।
- 189 अंक: स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में रायपुर का प्रदर्शन।
कुल मिलाकर, ई-बस सेवा के साथ सरकार शहरों में परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इसके साथ पेयजल, स्वच्छता, आवास और हरित क्षेत्रों पर भी ध्यान दिया जा रहा है। योजनाओं को समय पर पूरा करने से नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।

