बीआईटी दुर्ग में हुआ विशेष आयोजन
छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय ने महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में पहल की। इसके तहत बीआईटी दुर्ग परिसर में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में राज्यपाल और कुलाधिपति रमेन डेका मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने महिला स्व-सहायता समूहों और युवा नवाचारकर्ताओं को प्रोत्साहित किया।
इस दौरान 72 महिला स्व-सहायता समूहों को मिलेट हेल्थ कार्ट प्रदान किए गए। साथ ही 24 स्टार्टअप्स को कुल 50 लाख रुपये की इग्निशन ग्रांट दी गई।
महिला स्वावलंबन पर राज्यपाल का जोर
राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता परिवार और समाज को मजबूत बनाती है। उन्होंने ग्रामीण महिलाओं के पारंपरिक कौशल को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की आवश्यकता बताई।
महिला स्टार्टअप पहल के जरिए महिलाओं को स्वरोजगार के नए अवसर मिल सकते हैं। इसके लिए प्रशिक्षण, ब्रांडिंग और बाजार तक पहुंच जरूरी है।
उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा और तकनीकी ज्ञान तभी सार्थक है, जब उसका लाभ समाज को मिले। इसके अलावा शिक्षा से रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर तैयार होने चाहिए।
मिलेट बनेगा आय का नया माध्यम
छत्तीसगढ़ में मोटे अनाज का कृषि और खानपान से पुराना संबंध है। अब मिलेट को पोषण के साथ आय के साधन के रूप में भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
महिला समूहों को दिए गए हेल्थ कार्ट इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। समूहों को कारोबार चलाने के लिए जरूरी प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
महिला स्टार्टअप पहल में मिलेगा व्यावसायिक प्रशिक्षण
महिला समूहों को विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण देने की योजना है।
- मिलेट आधारित उत्पाद तैयार करने की जानकारी।
- एफएसएसएआई मानकों की समझ।
- गुणवत्ता नियंत्रण की प्रक्रिया।
- व्यवसाय प्रबंधन और मार्केटिंग।
- ब्रांडिंग और बाजार से जुड़ने की जानकारी।
इससे महिला समूह अपने उत्पादों को व्यवस्थित तरीके से बाजार तक पहुंचा सकेंगे। वहीं, स्थानीय उत्पादों को नया बाजार मिलने की संभावना भी बढ़ेगी।
युवाओं के नवाचार को 50 लाख रुपये का सहयोग
कार्यक्रम में युवाओं के स्टार्टअप पर भी विशेष ध्यान दिया गया। 24 नवाचार आधारित स्टार्टअप्स को 50 लाख रुपये की इग्निशन ग्रांट दी गई।
राज्यपाल ने युवाओं से असफलताओं से सीखने की अपील की। उन्होंने कहा कि लगातार प्रयास करना सफल उद्यमी की पहचान है।
महिला स्टार्टअप पहल के साथ युवा नवाचार को बढ़ावा देना कार्यक्रम की महत्वपूर्ण विशेषता रही। इससे तकनीकी ज्ञान को रोजगार और व्यवसाय से जोड़ने का प्रयास किया गया।
CSVTU-फोर्टे को ग्रामीण उद्यमिता और तकनीकी नवाचार का मजबूत केंद्र बनाने पर भी जोर दिया गया। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में नए कारोबारी अवसर विकसित हो सकते हैं।
मिलेट को बाजार से जोड़ने पर जोर
सांसद विजय बघेल ने मिलेट उत्पादों को जन-जन तक पहुंचाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने महिला समूहों को तकनीकी ज्ञान से जोड़ने पर जोर दिया।
दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर ने महिला समूहों और युवाओं को सरकारी योजनाओं से जोड़ने की बात कही। वहीं, वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन ने स्टार्टअप को राज्य के विकास से जोड़ते हुए इसकी भूमिका रेखांकित की।
महापौर अल्का बाघमार और सहकार भारती के कलीराम शर्मा ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। CSVTU के कुलपति डॉ. अरुण अरोड़ा ने आयोजन के उद्देश्यों की जानकारी दी।
एक नजर में
- आयोजन: महिला सशक्तिकरण, उद्यमिता एवं स्टार्टअप अभिनंदन कार्यक्रम
- स्थान: बीआईटी दुर्ग
- आयोजक: CSVTU भिलाई
- मुख्य अतिथि: राज्यपाल रमेन डेका
- लाभार्थी SHG: 72
- मिलेट हेल्थ कार्ट: 72
- स्टार्टअप्स: 24
- इग्निशन ग्रांट: 50 लाख रुपये
- मुख्य उद्देश्य: महिला स्वावलंबन, उद्यमिता और नवाचार
कुल मिलाकर, महिला स्टार्टअप पहल ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक अवसरों से जोड़ने की दिशा में अहम प्रयास है। साथ ही, स्टार्टअप सहायता युवाओं के नए विचारों को आगे बढ़ाने में मदद कर सकती है। इससे तकनीकी शिक्षा, रोजगार और उद्यमिता के बीच बेहतर संबंध बनाने की संभावना है।
मुख्य बातें
- बीआईटी दुर्ग में CSVTU ने विशेष कार्यक्रम आयोजित किया।
- 72 महिला स्व-सहायता समूहों को मिलेट हेल्थ कार्ट मिले।
- 24 नवाचार आधारित स्टार्टअप्स को 50 लाख रुपये की ग्रांट दी गई।
- राज्यपाल रमेन डेका ने महिला स्वावलंबन पर जोर दिया।
- महिला समूहों को उत्पाद और व्यवसाय प्रबंधन का प्रशिक्षण मिलेगा।
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