नई दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं।
भारत मंडपम में 12 और 13 सितंबर को बड़ा आयोजन होगा।
सम्मेलन में कई देशों के शीर्ष नेता और प्रतिनिधि शामिल होंगे।
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दिल्ली पहुंच चुके हैं।
दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा भी राजधानी आए हैं।
ब्राजील और युगांडा के वरिष्ठ प्रतिनिधि भी यहां पहुंच चुके हैं।
इस आयोजन में 21 देशों के प्रतिनिधियों की भागीदारी बताई गई है।
सम्मेलन को लेकर दिल्ली में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई विदेशी नेताओं के साथ मुलाकात करेंगे।
इन बैठकों में द्विपक्षीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा होगी।
मोदी-पुतिन मुलाकात पर सबकी नजर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और व्लादिमीर पुतिन की बैठक खास होगी।
भारत और रूस के बीच लंबे समय से रणनीतिक साझेदारी है।
दोनों नेता कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर बातचीत कर सकते हैं।
ऊर्जा और व्यापार सहयोग पर भी चर्चा की संभावना है।
वैश्विक परिस्थितियों को लेकर दोनों पक्ष अपना नजरिया साझा कर सकते हैं।
क्षेत्रीय तनाव और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम भी चर्चा में आ सकते हैं।
ईरानी राष्ट्रपति की भारत यात्रा भी अहम
मसूद पेजेशकियन ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने दिल्ली पहुंचे हैं।
उनकी यात्रा को भारत-ईरान संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पिछले आठ वर्षों में किसी ईरानी राष्ट्रपति की यह पहली भारत यात्रा है।
पेजेशकियन की प्रधानमंत्री मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक होगी।
दोनों नेताओं के बीच कई अहम विषयों पर चर्चा संभव है।
क्षेत्रीय परिस्थितियों और आर्थिक सहयोग पर भी बात हो सकती है।
चीन के साथ बातचीत पर भी नजर
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी सम्मेलन में शामिल होने वाले प्रमुख नेताओं में हैं।
प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनकी बातचीत पर भी नजर रहेगी।
भारत और चीन के संबंधों में कई महत्वपूर्ण मुद्दे मौजूद हैं।
ऐसे में दोनों नेताओं की बैठक कूटनीतिक रूप से अहम होगी।
सम्मेलन के दौरान आपसी संबंधों को लेकर विचार-विमर्श संभव है।
क्षेत्रीय स्थिरता से जुड़े विषय भी बातचीत का हिस्सा बन सकते हैं।
वैश्विक संकटों के बीच बढ़ी ब्रिक्स की भूमिका
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने सम्मेलन को महत्वपूर्ण बताया।
उन्होंने मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों को चुनौतीपूर्ण बताया है।
होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास की स्थिति का भी उन्होंने जिक्र किया।
उनके अनुसार, ऐसे समय में ब्रिक्स देशों की जिम्मेदारी बढ़ती है।
उन्होंने शांति और स्थिरता की दिशा में सहयोग पर जोर दिया।
साथ ही भारत की अध्यक्षता को महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
ब्रिक्स को सहयोग का मंच मानते हैं अभय कुमार सिंह
रूस के कुर्स्क शहर के विधायक अभय कुमार सिंह ने बयान दिया।
उन्होंने संगठन को आर्थिक और सांस्कृतिक सहयोग का मंच बताया।
उनके अनुसार, ब्रिक्स देशों के बीच संबंध मजबूत कर रहा है।
उन्होंने वैश्विक स्तर पर सहयोग बढ़ाने की जरूरत बताई।
उन्होंने कहा कि दुनिया में अलगाव बढ़ रहा है।
वहीं, ब्रिक्स देश आपसी संपर्क को मजबूत कर रहे हैं।
भारत की अर्थव्यवस्था पर भी राजनीतिक चर्चा
भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने भारत की विकास दर का मुद्दा उठाया।
उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की टिप्पणी का उल्लेख किया।
उन्होंने भारत की आर्थिक स्थिति को लेकर सकारात्मक बात कही।
साथ ही उन्होंने कांग्रेस पर राजनीतिक हमला भी किया।
उनके अनुसार, दुनिया भारत की आर्थिक क्षमता को पहचान रही है।
दिल्ली में वैश्विक नेताओं की मौजूदगी को भी उन्होंने अहम बताया।
भारत-चीन संबंधों पर कांग्रेस ने उठाए सवाल
कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने चीन को लेकर प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने चीनी नेतृत्व की भारत यात्रा पर स्पष्टीकरण की मांग की।
उनके अनुसार, सम्मेलन खत्म होने के बाद इस मुद्दे पर चर्चा होगी।
वहीं, उन्होंने भारत-रूस संबंधों को लेकर भरोसा जताया।
उन्होंने रूस को भारत का विश्वसनीय और पुराना साझेदार बताया।
रूस के साथ सकारात्मक बातचीत की उम्मीद भी जाहिर की

