आमानारा में राशन नहीं मिलने पर बड़ी कार्रवाई, राशन दुकान निलंबित

CG DARSHAN
4 Min Read
4 Min Read

रायगढ़ जिले के आमानारा गांव में राशन नहीं मिलने की शिकायत पर कार्रवाई हुई है। मामले की जानकारी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय तक पहुंची थी। उन्होंने इसे गंभीरता से लेते हुए तत्काल रिपोर्ट मांगी।

मुख्यमंत्री ने रायगढ़ कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी से फोन पर चर्चा की। उन्होंने प्रभावित परिवारों को तत्काल खाद्यान्न उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदारी तय करने कहा।

पहाड़ी कोरवा परिवारों की शिकायत पर सीएम ने लिया संज्ञान

धरमजयगढ़ क्षेत्र के आमानारा गांव में पहाड़ी कोरवा परिवार रहते हैं। इन परिवारों को राशन नहीं मिलने की शिकायत सामने आई थी। शिकायत के बाद प्रशासन ने मामले की जांच शुरू की।

जांच में शिकायत सही पाए जाने के बाद राशन दुकान निलंबित कर दी गई। प्रशासन ने प्रभावित हितग्राहियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था भी की है।

अब इन परिवारों को चिड़ोडी की राशन दुकान से खाद्यान्न मिलेगा। इससे राशन मिलने में किसी तरह की बाधा नहीं आएगी।

चिड़ोडी की दुकान से होगी राशन की वैकल्पिक व्यवस्था

प्रशासन ने तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था लागू की है। पहाड़ी कोरवा परिवारों सहित अन्य हितग्राहियों को चिड़ोडी की दुकान से जोड़ा गया है।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि किसी पात्र परिवार को उसके अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता। राशन दुकान निलंबित करने की कार्रवाई के साथ प्रभावित परिवारों को राहत देना भी जरूरी था।

इस व्यवस्था से हितग्राहियों को नियमित खाद्यान्न मिलने का रास्ता साफ हुआ है।

ई-पॉस रिकॉर्ड की भी होगी जांच

मुख्यमंत्री साय ने वितरण अभिलेखों की जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने ई-पॉस मशीन के रिकॉर्ड का सत्यापन करने कहा। वास्तविक वितरण और दर्ज आंकड़ों का मिलान किया जाएगा।

किसी तरह की अनियमितता मिलने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को पूरी पारदर्शिता के साथ जांच करने कहा।

राशन दुकान निलंबित होने के बाद भी प्रशासन की निगरानी जारी रहेगी। इससे भविष्य में ऐसी शिकायतों को रोकने में मदद मिलेगी।

विशेष पिछड़ी जनजातियों की बसाहटों पर नजर

मुख्यमंत्री ने विशेष पिछड़ी जनजातियों के क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने दूरस्थ इलाकों में राशन की उपलब्धता सुनिश्चित करने कहा।

अधिकारियों को राशन दुकानों का नियमित निरीक्षण करना होगा। साथ ही खाद्यान्न की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था पर भी नजर रखनी होगी।

राशन दुकान निलंबित होने का यह मामला प्रशासन के लिए भी महत्वपूर्ण संदेश है। लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।

दोबारा ऐसी स्थिति नहीं बनने देने के निर्देश

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस तरह की शिकायतों की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए। खाद्य विभाग और जिला प्रशासन को लगातार निगरानी करने कहा गया है।

हर पात्र परिवार को पूरा राशन निर्धारित समय पर मिलना चाहिए। इसके लिए अधिकारियों को संवेदनशीलता और जवाबदेही से काम करना होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राशन दुकान निलंबित करने जैसी कार्रवाई जरूरत पड़ने पर आगे भी की जाएगी। सरकार का लक्ष्य है कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।

पात्र परिवारों के अधिकार पर सरकार का जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता जरूरी है। पात्र परिवारों को उनके अधिकार का खाद्यान्न बिना बाधा मिलना चाहिए।

सरकार दूरस्थ और विशेष पिछड़ी जनजाति क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दे रही है। अधिकारियों को हर स्तर पर व्यवस्था की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं।

Share This Article
Leave a Comment