शाला प्रवेशोत्सव के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि नई पीढ़ी का भविष्य संवारना राज्य सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल परीक्षा में अंक प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह नैतिक मूल्यों, वैज्ञानिक सोच और राष्ट्र निर्माण की मजबूत नींव भी है।
दुर्ग जिले के पाटन विकासखंड स्थित स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, जामगांव (एम) में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पहली बार स्कूल पहुंचे बच्चों का तिलक लगाकर और मुंह मीठा कर आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने बच्चों को बड़े सपने देखने और पूरी लगन से पढ़ाई करने का संदेश दिया।
शाला प्रवेशोत्सव में विद्यार्थियों को मिली कई सौगातें
शाला प्रवेशोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री ने कक्षा पहली, छठवीं और नवमी के चयनित विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्य-पुस्तकें, गणवेश और स्कूल बैग वितरित किए। वहीं, कक्षा नवमी की छात्राओं को साइकिल भी प्रदान की गई ताकि वे अपनी पढ़ाई बिना किसी बाधा के जारी रख सकें।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय साधन सह प्रावीण्य छात्रवृत्ति परीक्षा 2025-26 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतिभा किसी परिस्थिति की मोहताज नहीं होती, बल्कि सही अवसर और मार्गदर्शन से हर विद्यार्थी आगे बढ़ सकता है।
शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, समय पर निःशुल्क पुस्तक और गणवेश वितरण, अतिरिक्त पौष्टिक आहार, पालक-शिक्षक बैठक और न्योता भोज जैसी पहल को लगातार आगे बढ़ा रही है।
उन्होंने बताया कि युक्तियुक्तकरण के बाद प्रदेश का कोई भी विद्यालय शिक्षकविहीन नहीं है। साथ ही दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। बस्तर के जगरगुंडा जैसे क्षेत्रों में एजुकेशन हब विकसित किए जा रहे हैं।
एक नजर में
- मुख्यमंत्री ने नवप्रवेशी बच्चों का स्वागत किया।
- मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।
- छात्राओं को साइकिल और विद्यार्थियों को पुस्तकें व बैग वितरित किए गए।
- स्मार्ट क्लास और आधुनिक शिक्षा व्यवस्था पर जोर दिया गया।
- दुर्ग जिले के लिए चार नई विकास परियोजनाओं की घोषणा हुई।
शाला प्रवेशोत्सव के मंच से दुर्ग को मिली चार बड़ी सौगातें
शाला प्रवेशोत्सव कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दुर्ग जिले के लिए चार महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। इनमें शिक्षा विभाग के लिए आधुनिक कम्पोजिट कार्यालय भवन, सर्वसुविधायुक्त ऑडिटोरियम, फुटबॉल मैदान सह एथलेटिक्स ट्रैक तथा नीट और जेईई की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए 100-100 सीट वाले छात्र और छात्रा छात्रावास शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने विद्यालय की खगोल विज्ञान प्रयोगशाला का भी निरीक्षण किया और विद्यार्थियों के विज्ञान मॉडल की सराहना की। साथ ही ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
शाला प्रवेशोत्सव से मजबूत होगी शिक्षा की नींव
शाला प्रवेशोत्सव का उद्देश्य केवल नए विद्यार्थियों का स्वागत करना नहीं, बल्कि उन्हें बेहतर शिक्षा और समान अवसर उपलब्ध कराना भी है। राज्य सरकार का मानना है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही विकसित छत्तीसगढ़ की सबसे मजबूत नींव है। ऐसे कार्यक्रम बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाने और शिक्षा के प्रति सकारात्मक वातावरण बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
मुख्य बातें
- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जामगांव में राज्य स्तरीय कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
- नवप्रवेशी विद्यार्थियों का तिलक लगाकर और मुंह मीठा कर स्वागत किया गया।
- दुर्ग जिले को छात्रावास, ऑडिटोरियम और एथलेटिक्स ट्रैक सहित चार बड़ी सौगातें मिलीं।
- मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया और छात्राओं को साइकिल वितरित की गई।
- सरकार ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आधुनिक अधोसंरचना पर जोर दिया।

