गुजरात के केवडिया में फिल्म जगत का बड़ा समारोह आयोजित हुआ। 72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड में कई कलाकारों को सम्मान मिला। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए।
इस समारोह में कार्तिक आर्यन और ममूटी को बेस्ट एक्टर चुना गया। कार्तिक को ‘चंदू चैंपियन’ के लिए सम्मान मिला। ममूटी को ‘ब्रह्मयुग’ के लिए पुरस्कार मिला।
वहीं, यामी गौतम को बेस्ट एक्ट्रेस का सम्मान मिला। उन्हें ‘आर्टिकल 370’ के लिए यह पुरस्कार दिया गया।
72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड में प्रमुख विजेता
‘आर्टिकल 370’ को बेस्ट फीचर फिल्म का सम्मान मिला। यामी गौतम को इसी फिल्म के लिए बेस्ट एक्ट्रेस चुना गया।
‘श्रीकांत’ ने बेस्ट हिंदी फिल्म का पुरस्कार हासिल किया। इस तरह हिंदी सिनेमा की कई फिल्मों को पहचान मिली।
समारोह में अभिनय के अलावा अलग-अलग फिल्म श्रेणियों को सम्मान मिला। इससे भारतीय सिनेमा की विविधता भी सामने आई।
72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड का सफर कैसे बढ़ा?
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की शुरुआत साल 1954 में हुई थी। उस समय केवल सात पुरस्कार दिए गए थे।
इसके बाद पुरस्कारों की श्रेणियां लगातार बढ़ती गईं। आज भारतीय सिनेमा के कई क्षेत्रों को सम्मान मिलता है।
इस वर्ष कुल 45 पुरस्कार दिए जा रहे हैं। इनमें फीचर और नॉन-फीचर फिल्में शामिल हैं।
45 पुरस्कारों में कई श्रेणियां शामिल
इस बार पुरस्कारों का दायरा काफी व्यापक है। अलग-अलग श्रेणियों में फिल्मों और रचनात्मक कार्यों को सम्मान मिला।
- 26 पुरस्कार फीचर फिल्मों के लिए हैं।
- 16 पुरस्कार नॉन-फीचर फिल्मों के लिए हैं।
- 2 पुरस्कार सिनेमा पर लेखन के लिए हैं।
- 1 दादासाहेब फाल्के पुरस्कार शामिल है।
इस तरह कुल पुरस्कारों की संख्या 45 है। शुरुआत के सात पुरस्कारों से यह बड़ा बदलाव है।
कार्तिक और यामी के लिए खास मौका
कार्तिक आर्यन के लिए यह सम्मान करियर का अहम पड़ाव है। उन्हें ‘चंदू चैंपियन’ के लिए बेस्ट एक्टर चुना गया।
ममूटी को भी अभिनय के लिए राष्ट्रीय सम्मान मिला। उन्हें ‘ब्रह्मयुग’ में अभिनय के लिए पुरस्कार दिया गया।
यामी गौतम ने ‘आर्टिकल 370’ के लिए बेस्ट एक्ट्रेस का सम्मान हासिल किया। फिल्म को बेस्ट फीचर फिल्म का पुरस्कार भी मिला।
72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड में इन उपलब्धियों ने समारोह को खास बनाया। साथ ही पुरस्कारों की बढ़ती श्रेणियां भी चर्चा में रहीं।
कुल मिलाकर, राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों का सफर लंबा रहा है। 1954 में सात पुरस्कारों से शुरुआत हुई थी। अब यह समारोह 45 पुरस्कारों तक पहुंच चुका है।

