रायपुर में राष्ट्रीय सेवा योजना का राज्य स्तरीय समारोह आयोजित हुआ।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय कार्यक्रम में शामिल हुए।
उन्होंने उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वयंसेवकों को सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री ने युवाओं की सामाजिक भूमिका पर भी बात की।
उन्होंने कहा कि युवा देश की बड़ी ताकत हैं।
उनकी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देना जरूरी है।
एनएसएस सेवा, अनुशासन और नेतृत्व की सीख देता है।
इससे युवाओं में सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एनएसएस स्वयंसेवक समाज में बदलाव ला सकते हैं।
इसके लिए सेवा कार्यों में सक्रिय भागीदारी जरूरी है।
उन्होंने स्वयंसेवकों से स्थानीय स्तर पर पहल करने को कहा।
एनएसएस स्वयंसेवक सेवा संकल्प अभियान से जुड़ें
मुख्यमंत्री ने सेवा संकल्प अभियान में भागीदारी बढ़ाने की अपील की।
उन्होंने स्वच्छता और रक्तदान जैसे कार्यों पर जोर दिया।
वृक्षारोपण और जल संरक्षण को भी महत्वपूर्ण बताया।
साथ ही नशामुक्ति और स्वास्थ्य जागरूकता पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि छोटी पहल भी बड़ा प्रभाव डाल सकती है।
एक युवा दूसरों को अच्छे कार्य के लिए प्रेरित कर सकता है।
इसलिए एनएसएस स्वयंसेवक गांवों और शहरों में सक्रिय रहें।
महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में भी अभियान चलाएं।
एनएसएस स्वयंसेवक बनें सामाजिक बदलाव की कड़ी
राष्ट्रीय सेवा योजना युवाओं को टीमवर्क सिखाती है।
यह नेतृत्व क्षमता और जिम्मेदारी का विकास करती है।
इसके जरिए युवा लोगों की समस्याओं को समझते हैं।
साथ ही समाधान के लिए आगे आने की सीख मिलती है।
मुख्यमंत्री ने ‘मेरा युवा भारत’ मंच का भी उल्लेख किया।
इस मंच से नेतृत्व और कौशल विकास के अवसर मिलते हैं।
अनुभव आधारित सीख से युवाओं की क्षमता बढ़ सकती है।
युवाओं के लिए रोजगार और तकनीक के अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार युवाओं के अवसर बढ़ा रही है।
इनमें शिक्षा, रोजगार और उद्यमिता प्रमुख क्षेत्र हैं।
खेल और आधुनिक तकनीक पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
उन्होंने भर्ती परीक्षाओं में भरोसा मजबूत करने की बात कही।
इसके लिए छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल का गठन किया गया है।
भर्ती प्रक्रियाओं में अनुचित साधनों पर रोक के प्रयास हैं।
मुख्यमंत्री के अनुसार पुलिस विभाग में भर्ती हुई है।
शिक्षक और सहायक शिक्षक पदों पर प्रक्रिया जारी है।
बिजली कंपनियों में भी भर्ती के अवसर बताए गए।
उच्च शिक्षा क्षेत्र में लैब अटेंडेंट को नियुक्ति मिली है।
एआई प्रशिक्षण से युवाओं को मिलेगा नया कौशल
राज्य में एआई से जुड़े प्रशिक्षण पर भी जोर है।
राज्य एआई मिशन के लिए 500 करोड़ रुपये मंजूर हैं।
इसके तहत छह लाख विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
एआई डेटा लैब और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाए जाएंगे।
इसके अलावा एआई आधारित सेवाओं को विकसित किया जाएगा।
इससे तकनीकी कौशल सीखने के अवसर बढ़ सकते हैं।
उद्योग और स्टार्टअप से रोजगार पर जोर
नई औद्योगिक विकास नीति में रोजगार को प्राथमिकता दी गई है।
मुख्यमंत्री के अनुसार निवेश से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
स्थानीय युवाओं को रोजगार देने के लिए प्रावधान किए गए हैं।
एक हजार स्थानीय लोगों को रोजगार देने वाले उद्यमों को प्रोत्साहन मिलेगा।
साथ ही वर्ष 2030 तक पांच हजार स्टार्टअप का लक्ष्य बताया गया।
मुख्यमंत्री ने युवाओं को रोजगार सृजन से जोड़ने की बात कही।
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए नालंदा परिसर तैयार हो रहे हैं।
इन केंद्रों से अभ्यर्थियों को अध्ययन का बेहतर वातावरण मिलेगा।
इससे युवाओं को परीक्षा तैयारी में सहायता मिल सकती है।
सेवा कार्यों में भागीदारी के प्रमुख क्षेत्र:
- स्वच्छता और स्वास्थ्य जागरूकता अभियान।
- रक्तदान और जरूरतमंदों की सहायता।
- वृक्षारोपण और पौधों की देखभाल।
- जल संरक्षण के लिए जनजागरूकता।
- नशामुक्ति अभियान में सामाजिक भागीदारी।
युवाओं के लिए बताए गए प्रमुख अवसर:
- शिक्षा और शासकीय सेवाओं में अवसर।
- निजी क्षेत्र में रोजगार की संभावनाएं।
- स्टार्टअप और उद्यमिता को प्रोत्साहन।
- एआई और आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण।

