एशियन गेम्स में भारतीय कुश्ती टीम ने पदक का खाता खोल दिया है। सुनील कुमार कांस्य पदक जीतकर 87 किलोग्राम ग्रीको रोमन वर्ग में तीसरे स्थान पर रहे। उन्होंने फिलीपींस के कैलम रॉबर्ट्स जॉनस्टन को 9-0 से हराया।
मुकाबले की शुरुआत से ही सुनील ने आक्रामक खेल दिखाया। उन्होंने प्रतिद्वंद्वी के दाहिने हाथ को नियंत्रित किया। इसके बाद शानदार दांव लगाकर शुरुआती चार अंक हासिल किए।
भारतीय पहलवान ने पार टेरे स्थिति का फायदा भी उठाया। उन्होंने लगातार अंक जुटाए। मुकाबला एकतरफा होते ही तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर सुनील को विजेता घोषित किया गया।
लगातार दूसरे एशियन गेम्स में पदक
सुनील कुमार कांस्य जीतकर एशियन गेम्स में लगातार दूसरी बार पोडियम पर पहुंचे हैं। इससे पहले उन्होंने हांगझोउ एशियन गेम्स 2023 में भी कांस्य पदक जीता था।
इस उपलब्धि के साथ सुनील ग्रीको रोमन शैली में दो एशियन गेम्स पदक जीतने वाले भारतीय पहलवान बन गए हैं। उनकी 2023 की सफलता ने इस शैली में भारत के लंबे पदक इंतजार को समाप्त किया था।
2010 ग्वांग्झू एशियन गेम्स में रविंदर सिंह और सुनील कुमार ने ग्रीको रोमन कुश्ती में कांस्य पदक जीते थे। इसके बाद भारतीय टीम को इस शैली में अगले पदक के लिए इंतजार करना पड़ा।
सेमीफाइनल में जापान के पहलवान से मिली हार
कांस्य पदक मुकाबले से पहले सुनील का सामना सेमीफाइनल में जापान के ताइजो योशिदा से हुआ। योशिदा ने तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर मुकाबला अपने नाम किया।
हार के बाद सुनील ने अपनी रणनीति पर बात की। उन्होंने बताया कि जापानी पहलवान के खिलाफ उन्होंने तकनीक की जगह ताकत पर अधिक भरोसा किया।
कांस्य मुकाबले में सुनील ने अपने खेल में बदलाव किया। उन्होंने शुरुआती क्षणों से ही प्रतिद्वंद्वी पर दबाव बनाया। इसका परिणाम 9-0 की शानदार जीत के रूप में सामने आया।
निशा दहिया को प्री-क्वार्टर फाइनल में हार
महिला कुश्ती के 68 किलोग्राम वर्ग में निशा दहिया को हार का सामना करना पड़ा। प्री-क्वार्टर फाइनल में उनकी भिड़ंत उत्तर कोरिया की सोल गुम पाक से हुई।
निशा ने मुकाबले की शुरुआत में 2-0 की बढ़त बनाई। हालांकि, पाक ने चार अंक का बड़ा दांव लगाकर स्कोर पलट दिया। पहले पीरियड के अंत तक वह 4-2 से आगे हो गईं।
दूसरे पीरियड में निशा ने वापसी की। उन्होंने दो अंक हासिल करके स्कोर 4-4 कर दिया। इसके बाद दोनों पहलवान कोई और अंक नहीं जुटा सकीं। बड़े दांव के आधार पर पाक को विजेता घोषित किया गया।
रेपेचेज मुकाबले में भी निशा को मिली हार
पाक के फाइनल में पहुंचने के बाद निशा को रेपेचेज में खेलने का अवसर मिला। हालांकि, वह इस मौके को पदक में नहीं बदल सकीं।
रेपेचेज में निशा का सामना दक्षिण कोरिया की पार्क ह्योनयोंग से हुआ। भारतीय पहलवान को ‘फॉल’ के जरिए मुकाबला गंवाना पड़ा।
सोल गुम पाक के खिलाफ निशा का यह पहला मुकाबला नहीं था। पेरिस ओलंपिक के क्वार्टर फाइनल में भी दोनों आमने-सामने हुई थीं। उस मुकाबले में निशा 8-2 से आगे थीं। बाद में चोट के कारण उन्हें 8-10 से हार मिली थी।
भारतीय कुश्ती के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि
सुनील कुमार कांस्य पदक के साथ भारतीय कुश्ती को एशियन गेम्स में शुरुआती सफलता मिली है। 87 किलोग्राम ग्रीको रोमन वर्ग में उनकी जीत खास रही।
सुनील ने लगातार दूसरे एशियन गेम्स में पदक हासिल किया। अब भारतीय कुश्ती दल के अन्य पहलवानों पर भी नजर रहेगी। टीम आगे के मुकाबलों में अपने पदक अभियान को मजबूत करना चाहेगी।
मुकाबले से जुड़ी जरूरी जानकारी
- खेल: कुश्ती
- शैली: ग्रीको रोमन
- भारवर्ग: 87 किलोग्राम
- भारतीय पहलवान: सुनील कुमार
- पदक: कांस्य
- प्रतिद्वंद्वी: कैलम रॉबर्ट्स जॉनस्टन
- स्कोर: 9-0
- जीत: तकनीकी श्रेष्ठता से
- पिछला पदक: एशियन गेम्स 2023 में कांस्य

