छत्तीसगढ़ में राजनीतिक प्रकरण वापसी से जुड़े मामलों की समीक्षा हुई। बैठक 30 सितंबर 2026 को मंत्रालय महानदी भवन में हुई। इसकी अध्यक्षता उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने की।
बैठक में उप मुख्यमंत्री अरुण साव भी शामिल हुए। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े मौजूद रहीं। कृषि मंत्री राम विचार नेताम ने भी बैठक में हिस्सा लिया।
9 मामलों की अनुशंसा, दो पर पुनर्विचार
समिति ने प्रदेश के अलग-अलग जिलों से जुड़े 16 मामलों की समीक्षा की। इनमें राजनीतिक आंदोलनों से संबंधित प्रकरण शामिल थे। इन मामलों में 8 प्रकरण लंबित थे।
समीक्षा के बाद 9 प्रकरणों की अनुशंसा की गई। वहीं, 2 मामलों को पुनर्विचार के लिए जिलों को भेजा गया। शेष मामलों को राजनीतिक आंदोलनों से संबंधित नहीं पाया गया। इसलिए समिति ने उन मामलों को अस्वीकार कर दिया।
लंबित मामलों की स्थिति पर भी चर्चा
समिति ने पहले अनुशंसित लंबित प्रकरणों की स्थिति भी जानी। अधिकारियों से इन मामलों में हुई प्रगति की जानकारी ली गई। साथ ही, आगे की कार्रवाई से जुड़े पहलुओं पर चर्चा हुई।
न्यायालय में लंबित मामलों की स्थिति पर भी जानकारी ली गई। संबंधित अधिकारियों को इन मामलों को नियमानुसार आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
नियमों के अनुसार आगे बढ़ेगी प्रक्रिया
बैठक में सभी मामलों की अलग-अलग समीक्षा की गई। अधिकारियों ने संबंधित प्रकरणों की जानकारी समिति के सामने रखी। इसके बाद जरूरी प्रक्रिया पर चर्चा हुई।
राजनीतिक प्रकरण वापसी से जुड़े मामलों में नियमानुसार कार्रवाई पर जोर दिया गया। संबंधित अधिकारियों को आवश्यक प्रक्रिया समय पर पूरी करने को कहा गया।
वरिष्ठ अधिकारी बैठक में रहे मौजूद
बैठक में प्रमुख सचिव गृह निहारिका बारीक मौजूद रहीं। प्रमुख सचिव विधि मनीष ठाकुर भी बैठक में शामिल हुए। गृह सचिव नेहा चंपावत और डीजीपी अरुण देव गौतम भी मौजूद रहे।
अधिकारियों ने समिति को लंबित मामलों की जानकारी दी। पहले अनुशंसित प्रकरणों की वर्तमान स्थिति भी बताई गई।
न्यायालय में लंबित मामलों पर जोर
समिति ने न्यायालय में लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा पर जोर दिया। अधिकारियों से इन मामलों में प्रक्रिया को आगे बढ़ाने को कहा गया।
संबंधित विभागों को नियमों के तहत जरूरी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। इससे लंबित मामलों की प्रगति की निगरानी जारी रहेगी।
प्रकरणवार समीक्षा से तय हुई आगे की दिशा
बैठक में प्रत्येक मामले को अलग-अलग देखा गया। उनकी वर्तमान स्थिति और संबंधित प्रक्रिया पर चर्चा हुई। इसके बाद 9 मामलों की अनुशंसा की गई।
राजनीतिक प्रकरण वापसी के तहत 2 मामलों को पुनर्विचार के लिए संबंधित जिलों को भेजा गया। अन्य मामलों पर समिति ने उपलब्ध जानकारी के आधार पर निर्णय लिया।
नियमित समीक्षा पर रहेगा ध्यान
समिति ने पहले अनुशंसित मामलों की नियमित समीक्षा पर भी जोर दिया। अधिकारियों से प्रकरणों की प्रगति की जानकारी लेते रहने को कहा गया।
बैठक में 16 मामलों की स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई। अब अनुशंसित मामलों में नियमानुसार आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

