छत्तीसगढ़ के बस्तर इलाके में लंबे समय से सक्रिय एक हार्डकोर नक्सली दंपती ने आखिरकार आत्मसमर्पण कर दिया है। यह सरेंडर तेलंगाना के रामागुंडम में हुआ, जहां दोनों ने पुलिस कमिश्नर के सामने अपने हथियार डाल दिए।
तेलंगाना में हुआ आत्मसमर्पण, दोनों थे वांछित
सरेंडर करने वाले नक्सलियों की पहचान लच्छन्ना उर्फ गोपन्ना और उसकी पत्नी अंकुबाई उर्फ अनितक्का के रूप में हुई है। लच्छन्ना पर 25 लाख और अनितक्का पर 8 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
दोनों की रही है बड़ी भूमिकाएं
लच्छन्ना को वर्ष 2023 में दक्षिण सब जोनल कमेटी (DKSZCM) की जिम्मेदारी मिली थी। इससे पहले 2007 में वह उत्तर बस्तर टेक्निकल डिपार्टमेंट का प्रभारी रह चुका है। उसकी पत्नी अनितक्का 2002 से ही संगठन में एसीएम (ACM) के पद पर रही, बाद में 2007 में तकनीकी विभाग में शामिल की गई और हाल ही में डीवीसीएम (DVCM) पद पर कार्यरत थी।
संगठन की अंदरूनी जानकारी में पारंगत
यह माना जा रहा है कि दोनों नक्सली लगभग 22 से 23 वर्षों से संगठन में सक्रिय थे। उनके पास संगठन की रणनीतियों, तकनीकी कार्यप्रणाली और ऑपरेशनल गतिविधियों की अहम जानकारी हो सकती है।
छत्तीसगढ़ पुलिस ने शुरू की जांच
सरेंडर के बाद छत्तीसगढ़ पुलिस इन दोनों की नक्सली गतिविधियों की पूरी हिस्ट्री खंगालने में जुट गई है। उम्मीद है कि इनसे पूछताछ के दौरान कई अहम राज सामने आ सकते हैं जो सुरक्षा एजेंसियों के लिए उपयोगी होंगे।
नक्सलियों को बड़ा नुकसान
यह आत्मसमर्पण नक्सली संगठन के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। खासकर इसलिए क्योंकि दोनों ने लंबे समय तक बस्तर क्षेत्र में रणनीतिक और तकनीकी भूमिकाएं निभाई हैं।
