भगवान नर-नारायण के दर्शन कर सीएम साय ने मांगी खुशहाली

CG DARSHAN
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छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 14 अक्टूबर को शिवरीनारायण का दौरा किया। उन्होंने पत्नी कौशल्या साय के साथ भगवान नर-नारायण के दर्शन किए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। उन्होंने राज्य की निरंतर प्रगति और खुशहाली के लिए प्रार्थना भी की।

मुख्यमंत्री ने शिवरीनारायण को छत्तीसगढ़ की आस्था और संस्कृति का महत्वपूर्ण केंद्र बताया। उनके अनुसार, यहां की धार्मिक परंपराएं प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत बनाती हैं।

भगवान नर-नारायण से मांगी प्रदेश की खुशहाली

मुख्यमंत्री ने मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। उन्होंने प्रत्येक परिवार के सुखी और मंगलमय जीवन की कामना की। साथ ही, समाज में भाईचारा और आपसी सद्भाव बनाए रखने की प्रार्थना की।

उन्होंने कहा कि शिवरीनारायण की आध्यात्मिक परंपराएं लोगों को शांति और सकारात्मक ऊर्जा देती हैं। इसलिए, धार्मिक विरासत का संरक्षण सभी की जिम्मेदारी है।

मठ मंदिर में गौ माता को खिलाया गुड़ और केला

मुख्यमंत्री दर्शन के बाद शिवरीनारायण स्थित मठ मंदिर पहुंचे। वहां उन्होंने गौ माता को गुड़ और केला खिलाया। इसके बाद माल्यार्पण कर श्रद्धापूर्वक पूजन किया।

मुख्यमंत्री ने गौ सेवा को सनातन संस्कृति का अभिन्न अंग बताया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण जीवन और कृषि परंपराओं में गौ माता का विशेष स्थान है।

इस दौरान उन्होंने संतों और श्रद्धालुओं से मुलाकात भी की। उन्होंने मठ-मंदिरों को संस्कार, सेवा और सद्भाव से जोड़ने वाले महत्वपूर्ण स्थल बताया।

जगन्नाथ मंदिर में भी मुख्यमंत्री ने किए दर्शन

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पत्नी कौशल्या साय के साथ जगन्नाथ मंदिर में भी पूजा की। उन्होंने भगवान जगन्नाथ से प्रदेशवासियों के स्वस्थ और सुखी जीवन की प्रार्थना की।

शिवरीनारायण की धार्मिक परंपराएं छत्तीसगढ़ की विशिष्ट पहचान का हिस्सा हैं। महानदी, शिवनाथ और जोंक नदी के संगम के समीप स्थित यह नगरी श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखती है।

माता शबरी और प्रभु श्रीराम की स्मृतियों से जुड़ी नगरी

मुख्यमंत्री ने शिवरीनारायण को माता शबरी की भक्ति और प्रभु श्रीराम की स्मृतियों से जुड़ी पावन भूमि बताया। उन्होंने कहा कि यह स्थान भक्ति, समर्पण और सामाजिक समरसता का संदेश देता है।

यहां की लोकआस्था छत्तीसगढ़ के गौरवशाली इतिहास का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे में, धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों की पहचान मजबूत करना जरूरी है।

राज्य सरकार सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। इससे प्रदेश की परंपराओं और ऐतिहासिक महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ सकती है।

सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखने पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपराएं हमारी पहचान हैं। धार्मिक स्थल केवल पूजा के केंद्र नहीं हैं। वे समाज को संस्कार, सेवा और आध्यात्मिक चेतना से भी जोड़ते हैं।

इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी और सांसद कमलेश जांगड़े उपस्थित रहे। राजेश्री महंत रामसुंदर दास सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी मौजूद थे।

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