छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने एथलीट अनिमेष कुजूर से मुलाकात की। रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में यह मुलाकात हुई। मुख्यमंत्री ने उनकी उपलब्धि पर खुशी जताई। उन्होंने खिलाड़ी को भविष्य की प्रतियोगिताओं के लिए शुभकामनाएं भी दीं।
जशपुर जिले के घुईटांगर गांव के निवासी अनिमेष ने एशियन गेम्स 2026 में कांस्य पदक जीता। भारतीय टीम ने 4×100 मीटर मिक्स्ड रिले में 41.06 सेकंड का समय दर्ज किया। इस प्रदर्शन के साथ टीम ने राष्ट्रीय रिकॉर्ड में सुधार किया।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ के लिए गर्व की बात है। उन्होंने खिलाड़ी की मेहनत और अनुशासन की सराहना की। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह सफलता प्रदेश के युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करेगी।
अनिमेष कुजूर की उपलब्धि बनी युवाओं की प्रेरणा
मुख्यमंत्री ने खिलाड़ी से उनकी खेल यात्रा और प्रशिक्षण पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी मौजूद हैं। उन्हें सही मार्गदर्शन और सुविधाएं मिलें, तो वे बड़े मंचों पर सफलता हासिल कर सकते हैं।
अनिमेष की उपलब्धि इस बात का उदाहरण है कि निरंतर मेहनत से आगे बढ़ा जा सकता है। छोटे गांव से अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता तक पहुंचना युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरक है। मुख्यमंत्री ने उनसे इसी लगन के साथ अभ्यास जारी रखने को कहा।
खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं देने पर जोर
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रयासरत है। खिलाड़ियों को आधुनिक प्रशिक्षण और बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने पर ध्यान दिया जा रहा है।
सरकार का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में छिपी प्रतिभाओं की समय पर पहचान करना है। इसके लिए खेल अधोसंरचना को मजबूत करना भी जरूरी है। बेहतर सुविधाओं से खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी में मदद मिल सकती है।
मुख्यमंत्री ने खेल विकास को युवाओं के सर्वांगीण विकास से जोड़ा। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के अवसर मिलने चाहिए। प्रदेश के खिलाड़ी अधिक पदक जीतें, इसके लिए प्रशिक्षण और प्रोत्साहन अहम हैं।
घुईटांगर से एशियन गेम्स तक का सफर
अनिमेष कुजूर जशपुर जिले के कुनकुरी क्षेत्र के ग्राम घुईटांगर से आते हैं। एशियन गेम्स 2026 में उन्होंने भारतीय टीम की ओर से मिक्स्ड रिले स्पर्धा में हिस्सा लिया। टीम ने 41.06 सेकंड के समय के साथ कांस्य पदक हासिल किया।
यह प्रदर्शन राष्ट्रीय रिकॉर्ड में सुधार के कारण भी खास रहा। अनिमेष की यात्रा छत्तीसगढ़ के उभरते खिलाड़ियों के लिए नई उम्मीद जगाती है। उनकी सफलता मेहनत, अनुशासन और लगातार अभ्यास का महत्व बताती है।
मुलाकात के दौरान उनके पिता अमृत कुजूर और माता रीना कुजूर भी मौजूद रहे। एथलेटिक्स एसोसिएशन के पदाधिकारी तथा खेल विभाग के अधिकारी-कर्मचारी भी शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने खिलाड़ी को आगामी प्रतियोगिताओं में अच्छे प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दीं।
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