जशपुर में स्टॉप डैम निर्माण अंतिम चरण में, किसानों को राहत

CG DARSHAN
4 Min Read
4 Min Read

छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में किसानों को सिंचाई के लिए बेहतर संसाधन मिलने की उम्मीद है। कुनकुरी तहसील के नारायणपुर स्थित कपरी नाला में स्टॉप डैम का निर्माण अंतिम चरण में पहुंच गया है। इस परियोजना पर 2.97 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।

निर्माण पूरा होने के बाद लगभग 150 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा मिलने की संभावना है। इससे किसानों को फसलों के लिए पानी जुटाने में मदद मिलेगी। साथ ही, खेती की मानसून पर निर्भरता भी कम हो सकती है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य में कृषि सुविधाओं और जल संरक्षण को बढ़ावा दिया जा रहा है। यह परियोजना स्थानीय किसानों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है।

कपरी नाला स्टॉप डैम से खेती को मिलेगा सहारा

कपरी नाला में बन रहा स्टॉप डैम बारिश के पानी को रोकने और उसका बेहतर उपयोग करने में मदद करेगा। इससे उपलब्ध जल संसाधनों का इस्तेमाल सिंचाई के लिए किया जा सकेगा।

क्षेत्र में सिंचाई के सीमित साधनों के कारण किसानों को मानसून पर निर्भर रहना पड़ता है। डैम बनने से खेतों तक पानी पहुंचाने की संभावनाएं बेहतर होंगी। इससे फसलों की समय पर सिंचाई करने में भी सुविधा मिल सकती है।

विभागीय जानकारी के मुताबिक, परियोजना से क्षेत्र में सिंचाई का प्रतिशत बढ़कर 37.91 प्रतिशत तक पहुंचने की संभावना है। किसानों को कृषि सत्र 2027-28 से इसका लाभ मिलने की उम्मीद है।

जल संरक्षण से भू-जल स्तर को भी मिलेगा बढ़ावा

स्टॉप डैम का उद्देश्य केवल सिंचाई सुविधा बढ़ाना नहीं है। यह बारिश के पानी को संचित करने में भी अहम भूमिका निभा सकता है। इससे आसपास के क्षेत्रों में भू-जल पुनर्भरण को बढ़ावा मिलने की संभावना है।

स्थानीय ग्रामीणों को निस्तारी संबंधी जरूरतों के लिए भी लाभ मिल सकता है। जल उपलब्धता बेहतर होने से आसपास के जल स्रोतों के संरक्षण में मदद मिलेगी। कपरी नाला के पास स्थित शिव मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को भी सुविधा मिलने की उम्मीद है।

किसानों की आय बढ़ाने में मददगार होगी परियोजना

सिंचाई के साधन बढ़ने से किसानों को खेती की बेहतर योजना बनाने में मदद मिल सकती है। समय पर पानी उपलब्ध होने से फसलों की देखभाल आसान होगी। इससे कृषि उत्पादन बढ़ाने के अवसर भी बन सकते हैं।

कपरी नाला स्टॉप डैम से छोटे और सीमांत किसानों को विशेष राहत मिलने की उम्मीद है। सिंचाई सुविधा मिलने से खेती संबंधी चुनौतियां कम हो सकती हैं। इसके साथ ही फसल विविधीकरण और किसानों की आय बढ़ाने की संभावनाएं भी मजबूत होंगी।

ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि अधोसंरचना का विकास स्थानीय आजीविका को सहारा दे सकता है। जल संरक्षण और खेती को जोड़ने वाली यह पहल क्षेत्र के विकास में योगदान दे सकती है।

निर्माण कार्य पूरा होने का किसानों को इंतजार

स्टॉप डैम का निर्माण अंतिम चरण में होने से क्षेत्र के किसानों को जल्द लाभ मिलने की उम्मीद है। किसानों को भरोसा है कि परियोजना पूरी होने के बाद सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता बेहतर होगी।

किसानों ने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है। आगामी कृषि सत्र में परियोजना से मिलने वाला लाभ खेती को मजबूत बनाने में अहम हो सकता है।

 

 

 

यह भी पढ़ें – धमतरी : सेवा की कहानी : सेवा संकल्प अभियान: स्वामित्व योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में धमतरी का अग्रणी प्रदर्शन. 

Share This Article
1 Comment