छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा का भक्तिमय अंदाज कबीरधाम जिले के गांवों में देखने को मिला। वे ग्राम ढोंघा और कोडार में आयोजित मां दुर्गा पूजन एवं ज्योति कलश पूजन कार्यक्रमों में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने माता के दर्शन किए और विधिवत पूजा-अर्चना की।
मंजीरा बजाकर ग्रामीणों के साथ गाए जसगीत
धार्मिक आयोजन में विजय शर्मा ने हाथों में मंजीरा थामकर ग्रामीणों के साथ पारंपरिक जसगीत गाए। ढोलक, झांझ और मंजीरे की मधुर धुनों के बीच श्रद्धालु भक्ति में झूमते नजर आए। माता के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
इस दौरान लोक संस्कृति और धार्मिक आस्था की सुंदर झलक देखने को मिली। उप मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों के साथ बैठकर भजन-कीर्तन में भी हिस्सा लिया। उनके इस सहज अंदाज ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच आत्मीयता का माहौल बनाया।
प्रदेश की सुख-समृद्धि के लिए की प्रार्थना
दोनों गांवों में पूजा-अर्चना के दौरान उप मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उन्होंने माता का आशीर्वाद लेकर प्रदेश के कल्याण के लिए प्रार्थना की।
धार्मिक आयोजन की प्रमुख झलकियां
-
ग्राम ढोंघा और कोडार में मां दुर्गा पूजन एवं ज्योति कलश पूजन आयोजित हुआ।
-
उप मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों के साथ जसगीत गाए और भजन-कीर्तन में भाग लिया।
-
माता के दर्शन कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।
ग्रामीणों की समस्याएं सुनकर दिए निर्देश
कार्यक्रम के दौरान विजय शर्मा ने ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं और मांगें सुनीं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को समस्याओं के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। धार्मिक आयोजन के बीच उन्होंने लोगों से सीधे संवाद भी किया।
ग्रामीणों से बातचीत के दौरान स्थानीय जरूरतों और समस्याओं को जानने का अवसर मिला। अधिकारियों को दिए गए निर्देशों का उद्देश्य लोगों की शिकायतों का समय पर समाधान सुनिश्चित करना था।
ग्रामीणों से संवाद के मुख्य बिंदु
-
ग्रामीणों ने उप मुख्यमंत्री के सामने अपनी समस्याएं और मांगें रखीं।
-
संबंधित अधिकारियों को समस्याओं के जल्द निराकरण के निर्देश दिए गए।
आस्था और जनसेवा का दिखा संगम
इस आयोजन में धार्मिक आस्था के साथ जनसंवाद भी देखने को मिला। विजय शर्मा ने पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन में भाग लेने के बाद ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। कबीरधाम दुर्गा पूजन के दौरान लोक संस्कृति, सामुदायिक सहभागिता और जनसेवा की झलक सामने आई।

