रावघाट रेल सेवा से बस्तर को मिलेगी नई रफ्तार, बढ़ेंगे विकास और रोजगार के अवसर

CG DARSHAN
4 Min Read
4 Min Read

छत्तीसगढ़ के रेल इतिहास में 20 अक्टूबर 2026 का दिन एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में सामने आया। रावघाट तक रेल पहुंचने से बस्तर क्षेत्र के परिवहन नेटवर्क का विस्तार हुआ है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में ताड़ोकी-रावघाट और अभनपुर-कुरूद ब्रॉडगेज रेल लाइनों से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस अवसर पर नई यात्री रेल सेवाएं भी शुरू की गईं।

इस पहल से दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को राजधानी रायपुर तक पहुंचने का नया विकल्प मिलेगा। शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और रोजगार के लिए यात्रा करना अधिक सुविधाजनक हो सकता है। बेहतर रेल संपर्क से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।

रावघाट रेल सेवा से बस्तर की कनेक्टिविटी मजबूत

दल्लीराजहरा से रावघाट तक लगभग 95 किलोमीटर लंबी रेल लाइन परियोजना पूरी की गई है। इसकी लागत करीब 1,628 करोड़ रुपये बताई गई है। ताड़ोकी से रावघाट के बीच 17.5 किलोमीटर रेल खंड का निर्माण पूरा होने के बाद परियोजना का यह हिस्सा तैयार हुआ।

इस रेल मार्ग का महत्व यात्री परिवहन के साथ माल ढुलाई के लिए भी है। रावघाट क्षेत्र के लौह अयस्क को भिलाई इस्पात संयंत्र तक पहुंचाने में इससे सहायता मिल सकती है। रेल संपर्क बढ़ने से उद्योगों और व्यापार से जुड़ी गतिविधियों को भी लाभ मिलने की संभावना है।

रेल संपर्क से होने वाले संभावित फायदे

  • बस्तर और दक्षिण छत्तीसगढ़ के लोगों को बेहतर परिवहन विकल्प मिलेंगे।

  • लौह अयस्क के परिवहन और इस्पात उद्योग की आपूर्ति व्यवस्था को सहायता मिलेगी।

  • शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और व्यापार तक पहुंच आसान हो सकती है।

अभनपुर-कुरूद रेल लाइन से रायपुर पहुंचना होगा आसान

अभनपुर से कुरूद के बीच लगभग 22 किलोमीटर रेल लाइन का गेज परिवर्तन कार्य पूरा हो चुका है। इससे धमतरी क्षेत्र के यात्रियों को राजधानी रायपुर तक रेल से पहुंचने की सुविधा मिलेगी। कुरूद से धमतरी के शेष हिस्से में काम जारी है।

रायपुर-कुरूद यात्री सेवा विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों, किसानों और व्यापारियों के लिए उपयोगी हो सकती है। इससे दैनिक आवागमन के साथ चिकित्सा और शिक्षा संबंधी यात्राओं में भी सुविधा मिलने की उम्मीद है। पर्यटन और कृषि से जुड़ी गतिविधियों को भी बेहतर संपर्क का लाभ मिल सकता है।

रायपुर में बनेगी आधुनिक रेल इंजन मेंटेनेंस सुविधा

रेलवे ने रायपुर में इलेक्ट्रिक रेल इंजन मेंटेनेंस फैसिलिटी विकसित करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। इस सुविधा के लिए शिलान्यास किया गया। योजना के अनुसार, भविष्य में यहां 300 हाई हॉर्सपावर इलेक्ट्रिक रेल इंजनों के रखरखाव की क्षमता विकसित होगी।

इससे इंजनों के रखरखाव और रेल परिचालन को सुचारु बनाने में मदद मिल सकती है। बढ़ती माल ढुलाई की जरूरतों को पूरा करने में भी यह सुविधा महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

रेल परियोजनाओं से जुड़ी अहम बातें

  • ताड़ोकी-रावघाट और अभनपुर-कुरूद रेल लाइनों का उद्घाटन किया गया।

  • रावघाट-रायपुर और रायपुर-कुरूद यात्री सेवाएं शुरू की गईं।

  • रायपुर में इलेक्ट्रिक रेल इंजन मेंटेनेंस सुविधा की आधारशिला रखी गई।

रेल विस्तार से क्षेत्रीय विकास को मिलेगा बढ़ावा

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रावघाट तक रेल पहुंचने को बस्तर के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। रेल संपर्क से दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों को बड़े शहरों से जोड़ने में मदद मिलेगी। इससे स्थानीय लोगों के लिए आवागमन के साथ आर्थिक गतिविधियों के नए अवसर भी बन सकते हैं।

रावघाट रेल सेवा से बस्तर और रायपुर के बीच संपर्क मजबूत होने की उम्मीद है। नई यात्री ट्रेनें और आधुनिक रेल सुविधाएं छत्तीसगढ़ के परिवहन ढांचे को विस्तार देंगी। आने वाले समय में इन परियोजनाओं का लाभ यात्रियों, व्यापारियों और उद्योगों तक पहुंच सकता है।

 

 

यह भी पढ़ें – कबीरधाम दुर्गा पूजन में शामिल हुए विजय शर्मा, ग्रामीणों से किया संवाद

Share This Article
1 Comment