SBI ग्राहक डेटा लीक: डार्क वेब पर 3,897 ग्राहकों की निजी जानकारी उजागर होने से बढ़ी चिंता

CG DARSHAN
4 Min Read
4 Min Read

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) से जुड़े ग्राहक डेटा की सुरक्षा को लेकर गंभीर मामला सामने आया है। बैंक की शुरुआती जांच में 3,897 ग्राहकों की व्यक्तिगत पहचान संबंधी जानकारी मिलने की बात कही गई है। यह जानकारी डार्क वेब पर मौजूद लगभग 3.75 लाख संदिग्ध रिकॉर्ड्स के विश्लेषण में सामने आई।

रिपोर्ट के अनुसार, बैंक को 16 अक्टूबर 2026 को साइबर सुरक्षा एजेंसियों से अलर्ट मिला था। इसके बाद बैंक ने अपनी साइबर घटना प्रतिक्रिया प्रक्रिया शुरू की। मामले की गंभीरता और प्रभावित रिकॉर्ड्स का दायरा समझने के लिए स्वतंत्र साइबर सुरक्षा एजेंसी की मदद ली जा रही है।

SBI ग्राहक डेटा लीक की जानकारी कैसे मिली?

एसबीआई ने नियामकीय फाइलिंग में बताया कि उसे संभावित डेटा एक्सपोजर से जुड़े अलर्ट मिले थे। ये सूचनाएं बैंक के थ्रेट इंटेलिजेंस सेवा प्रदाता, डिफेंस साइबर एजेंसी और भारतीय कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया दल (CERT-In) से मिली थीं।

शुरुआती विश्लेषण में 3,897 ग्राहकों की पहचान योग्य जानकारी सामने आई। हालांकि, संदिग्ध रिकॉर्ड्स की कुल संख्या और प्रभावित ग्राहकों की संख्या अलग-अलग आंकड़े हैं। जांच पूरी होने के बाद ही डेटा के स्रोत और वास्तविक प्रभाव के बारे में अधिक स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।

सोशल मीडिया पर हैकर समूह ने क्या दावा किया?

यह मामला एक कथित हैकर समूह के दावे के बाद चर्चा में आया। समूह ने एसबीआई से जुड़े ग्राहक डेटा और ऋण दस्तावेज हासिल करने की बात कही थी। सोशल मीडिया पर करीब 3.8 लाख डेटा प्रविष्टियों और 2,722 PDF दस्तावेजों का भी दावा किया गया।

हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है। बैंक की जांच में डेटा की प्रामाणिकता, संभावित स्रोत और वास्तविक दायरे का पता लगाया जा रहा है।

बैंक ने जांच के लिए क्या कदम उठाए?

एसबीआई ने साइबर घटना से निपटने के लिए अपने रिस्पॉन्स और रोकथाम प्रोटोकॉल सक्रिय किए हैं। बैंक ने जांच के लिए CERT-In से सूचीबद्ध एक स्वतंत्र साइबर सुरक्षा एजेंसी को नियुक्त किया है।

बैंक के अनुसार, घटना का उसके मुख्य कामकाज, वित्तीय प्रदर्शन और कारोबारी निरंतरता पर कोई महत्वपूर्ण प्रभाव नहीं पड़ा है। जांच के निष्कर्षों के आधार पर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।

ग्राहकों को किन सावधानियों का ध्यान रखना चाहिए?

ऐसी घटनाओं में निजी जानकारी का इस्तेमाल करके धोखाधड़ी वाले कॉल या संदेश भेजे जा सकते हैं। इसलिए ग्राहकों को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए।

  • किसी के साथ OTP, ATM PIN या बैंकिंग पासवर्ड साझा न करें।

  • अनजान लिंक पर क्लिक करने और संदिग्ध फाइल डाउनलोड करने से बचें।

  • खाते में कोई अनधिकृत लेनदेन दिखे, तो तुरंत बैंक को सूचित करें।

  • साइबर वित्तीय धोखाधड़ी होने पर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें।

SBI ग्राहक डेटा लीक मामले में ग्राहकों को उन कॉल और संदेशों से विशेष सावधान रहना चाहिए, जिनमें उनकी निजी या ऋण संबंधी जानकारी का जिक्र हो। केवल आधिकारिक बैंकिंग माध्यमों से मिली जानकारी पर भरोसा करें।

जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी स्थिति

फिलहाल बैंक और स्वतंत्र साइबर सुरक्षा एजेंसी मामले की जांच कर रहे हैं। जांच से डेटा के स्रोत, प्रामाणिकता और संभावित जोखिमों के बारे में अधिक जानकारी मिल सकेगी।

ग्राहकों को घबराने के बजाय सतर्क रहना चाहिए। बैंक की आधिकारिक घोषणाओं पर नजर रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत शिकायत करें।

 

यह भी पढ़ें – भारत–न्यूजीलैंड टी20 सीरीज: वैभव सूर्यवंशी को कब मिलेगा मौका?

Share This Article
1 Comment