छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए राज्य सरकार ने स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न संवर्गों में 520 नवनियुक्त कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 27 अक्टूबर 2026 को रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे। इन कर्मचारियों की पदस्थापना प्रदेश के 14 जिलों में की जाएगी, जिससे खासकर जनजातीय और दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों से सेवाभाव के साथ काम करने की अपील की
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नवनियुक्त कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग में कार्य करना केवल नौकरी नहीं, बल्कि जनसेवा का महत्वपूर्ण अवसर है। अस्पताल पहुंचने वाले मरीज और उनके परिजन स्वास्थ्यकर्मियों से बेहतर उपचार और संवेदनशील व्यवहार की अपेक्षा रखते हैं।
उन्होंने कर्मचारियों से अपील की कि वे रोगियों की सेवा को पुण्य कार्य मानते हुए ईमानदारी, समर्पण और पूरी निष्ठा के साथ अपने दायित्व निभाएं। मुख्यमंत्री के अनुसार, स्वास्थ्यकर्मियों का अच्छा व्यवहार और तत्परता लोगों का स्वास्थ्य व्यवस्था पर भरोसा बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
520 पदों पर हुई नियुक्तियां, जानिए किस संवर्ग में कितने कर्मचारी
स्वास्थ्य विभाग में अलग-अलग पदों पर चयनित कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र दिए गए हैं। छत्तीसगढ़ में 520 स्वास्थ्यकर्मियों की नियुक्ति के तहत स्टाफ नर्स, ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक, फार्मासिस्ट और अस्पताल से जुड़े अन्य कर्मचारियों को शामिल किया गया है।
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स्टाफ नर्स: 208 पद
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ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक (पुरुष): 95 पद
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ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक (महिला): 94 पद
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फार्मासिस्ट: 25 पद
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वार्ड बॉय: 50 पद
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वार्ड आया: 48 पद
इन नियुक्तियों से स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक मानव संसाधन की उपलब्धता बढ़ाने और मरीजों को सेवाएं प्रदान करने में सहायता मिलने की उम्मीद है।
14 जिलों में मजबूत होंगी स्वास्थ्य सुविधाएं
नवनियुक्त कर्मचारी प्रदेश के 14 जिलों में अपनी सेवाएं देंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि इनमें अधिकांश जिले जनजातीय बहुल हैं। ऐसे क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता बढ़ाना विशेष महत्व रखता है, जहां भौगोलिक दूरी और संसाधनों की कमी के कारण लोगों को उपचार पाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
बस्तर और सरगुजा जैसे क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। सरकार का उद्देश्य है कि दूरस्थ गांवों में रहने वाले नागरिकों को भी समय पर और गुणवत्तापूर्ण उपचार मिल सके।
स्वस्थ छत्तीसगढ़ के लिए स्वास्थ्य ढांचे का विस्तार
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वस्थ नागरिक किसी भी विकसित समाज की आधारशिला होते हैं। राज्य निर्माण के बाद पिछले 25 वर्षों में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए कई कदम उठाए गए हैं। इनमें नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना, अस्पतालों में आधुनिक सुविधाओं का विकास और चिकित्सा उपकरणों तथा मानव संसाधनों की उपलब्धता बढ़ाने के प्रयास शामिल हैं।
सरकार का लक्ष्य स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत करने के साथ-साथ पर्याप्त स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है, ताकि जरूरत के समय लोगों को बेहतर उपचार मिल सके।
स्वास्थ्य मंत्री ने भर्ती प्रक्रिया को बताया पारदर्शी
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने नवनियुक्त कर्मचारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सभी 520 पदों की भर्ती प्रक्रिया पारदर्शिता के साथ निर्धारित समयसीमा में पूरी की गई है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग में आवश्यकतानुसार डॉक्टरों, नर्सों और अन्य कर्मचारियों की भर्ती आगे भी की जाएगी।
स्वास्थ्य मंत्री ने नवनियुक्त कर्मचारियों से अनुशासन, ईमानदारी और सेवाभाव के साथ काम करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध कराना सरकार के प्रयासों का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
कार्यक्रम में कई मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
रायपुर में आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा सहित रामविचार नेताम, ओ.पी. चौधरी, केदार कश्यप, दयाल दास बघेल, लखनलाल देवांगन, टंकराम वर्मा, गुरु खुशवंत साहेब, लक्ष्मी राजवाड़े और राजेश अग्रवाल उपस्थित रहे। इसके अलावा स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया, स्वास्थ्य सेवाओं के आयुक्त-सह-संचालक संजीव झा और विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में अहम कदम
प्रदेश के 14 जिलों में नए कर्मचारियों की तैनाती से स्वास्थ्य संस्थानों में कामकाज को सहयोग मिलने की उम्मीद है। छत्तीसगढ़ में 520 स्वास्थ्यकर्मियों की नियुक्ति विशेष रूप से जनजातीय और दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के प्रयासों का हिस्सा है। अब इन कर्मचारियों की जिम्मेदारी होगी कि वे मरीजों के प्रति संवेदनशीलता रखते हुए अपने कार्यस्थलों पर बेहतर सेवा प्रदान करें।

