छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर प्रदेश के नागरिकों के प्रति अपनी शुभकामनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने राज्य की विकास यात्रा, सांस्कृतिक पहचान और जनकल्याण से जुड़े प्रयासों पर अपने विचार साझा किए।
पीएम मोदी का पत्र छत्तीसगढ़ के साथ उनके लंबे जुड़ाव की यादों को भी सामने लाता है। उन्होंने सरगुजा के वनांचलों से लेकर बस्तर तक की यात्राओं का उल्लेख करते हुए यहां के लोगों की सहजता, मेहनत और परंपराओं को याद किया।
अटल बिहारी वाजपेयी के ऐतिहासिक फैसले को किया याद
प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ के गठन का उल्लेख करते हुए भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि उनके नेतृत्व में अलग राज्य का निर्माण हुआ, जिससे प्रदेश के लोगों की लंबे समय से चली आ रही आकांक्षाओं को पूरा होने का अवसर मिला।
उन्होंने छत्तीसगढ़ की पहचान को उसकी समृद्ध लोकसंस्कृति, जनजातीय परंपराओं और मेहनतकश लोगों से जुड़ा बताया।
बस्तर में बदलाव और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के विकास पर चर्चा
अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने नक्सलवाद से प्रभावित क्षेत्रों में शांति और विकास के प्रयासों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बस्तर में सुरक्षा, बुनियादी सुविधाओं और आजीविका के अवसरों को बढ़ाने की दिशा में काम हो रहा है।
बस्तर ओलंपिक, नियद नेल्ला नार और मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर जैसी पहलों को भी उन्होंने स्थानीय विकास से जोड़कर देखा। उनके अनुसार, इन प्रयासों से दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिकों को नई सुविधाओं और अवसरों से जोड़ने में मदद मिल रही है।
किसानों की आय और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर जोर
प्रधानमंत्री ने कृषि क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए धान खरीदी व्यवस्था का जिक्र किया। पत्र के अनुसार, प्रदेश के 25 लाख से अधिक किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल रहा है। दंतेवाड़ा जैसे क्षेत्रों में कृषि गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना का भी उल्लेख किया गया।
महिलाओं को आर्थिक सहायता और युवाओं को शिक्षा के अवसर
महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए संचालित महतारी वंदन योजना का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि 68 लाख से अधिक महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता दी जा रही है।
इसके साथ ही एम्स, आईआईटी, आईआईएम और अन्य प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों के माध्यम से युवाओं को उच्च शिक्षा के अवसर मिलने की बात कही। पीएम-सेतु और प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना को कौशल विकास से जोड़कर देखा गया।
‘अंजोर विजन’ से विकसित भारत की परिकल्पना
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में छत्तीसगढ़ सरकार के ‘अंजोर विजन’ का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने विश्वास जताया कि यह विजन प्रदेश को विकास के नए अवसरों से जोड़ने के साथ विकसित भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में योगदान देगा।
पीएम मोदी का पत्र प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, विकास की प्राथमिकताओं और भविष्य की संभावनाओं पर केंद्रित रहा। अंत में उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सहित समस्त प्रदेशवासियों को राज्य स्थापना दिवस की पुनः शुभकामनाएं दीं।

