रायपुर के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में 1 नवंबर 2026 को छत्तीसगढ़ हॉकी लीग का समापन हुआ। इस मौके पर पुरस्कार वितरण समारोह भी आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया शामिल हुए। उन्होंने विजेता, उपविजेता और अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को बधाई दी।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस लीग से प्रदेश के खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिला है। साथ ही, उन्हें अनुभवी खिलाड़ियों से सीखने का अवसर भी मिला। वहीं, केंद्रीय मंत्री डॉ. मांडविया ने इस आयोजन को पूरे देश के लिए एक रोल मॉडल बताया। उन्होंने कहा कि हॉकी भारत का गौरव है।
छह टीमों ने प्रतियोगिता में दिखाया दम
इस प्रतियोगिता में प्रदेश की छह टीमों ने हिस्सा लिया। इनमें राजधानी रॉयल्स, न्यायधानी नाइट्स और संस्कारधानी स्ट्राइकर्स शामिल थीं। इनके अलावा, चक्रधर चैंपियंस, बैलाडीला बुल्स और मैनपाट टाइटंस ने भी मैदान पर अपना खेल दिखाया।
इस आयोजन में बस्तर से सरगुजा और रायगढ़ से राजनांदगांव तक के खिलाड़ी शामिल हुए। इससे उन्हें एक-दूसरे के साथ खेलने और अनुभव साझा करने का मौका मिला। इस तरह छत्तीसगढ़ हॉकी लीग ने प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों के खिलाड़ियों को एक मंच पर जोड़ा।
हर टीम में शामिल रहे ओलंपिक खिलाड़ी
इस लीग की खास बात यह रही कि हर टीम में एक ओलंपिक खिलाड़ी शामिल था। इससे युवा खिलाड़ियों को अनुभवी खिलाड़ियों के साथ खेलने का मौका मिला। वे उनसे हॉकी के नए तरीके और खेल की बारीकियां भी सीख सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे आयोजन खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाते हैं। इसके अलावा, उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने में भी मदद करते हैं।
खेल उत्कर्ष मिशन से गांवों की प्रतिभाओं को मिलेगा मौका
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रदेश के गांवों, जनजातीय इलाकों और दूर-दराज के क्षेत्रों में कई अच्छे खिलाड़ी हैं। उन्हें आगे बढ़ने के लिए सही प्रशिक्षण और खेल की बेहतर सुविधाएं मिलनी चाहिए।
इसी उद्देश्य से मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन शुरू किया गया है। इसके तहत गांवों और दूरस्थ क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं की पहचान की जाएगी। फिर उन्हें प्रशिक्षण केंद्रों से जोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पैसों या साधनों की कमी के कारण किसी खिलाड़ी का सपना अधूरा नहीं रहना चाहिए।
जियोहॉटस्टार पर हुआ मैचों का प्रसारण
प्रतियोगिता के मुकाबलों का प्रसारण जियोहॉटस्टार पर किया गया। दर्शकों के लिए हिंदी के साथ छत्तीसगढ़ी भाषा में भी कमेंट्री की व्यवस्था की गई। इससे स्थानीय दर्शक भी मैचों से जुड़ सके।
लीग का संदेश था—‘चलव रे संगी, हॉकी खेलबो’। इसके जरिए युवाओं को हॉकी खेलने के लिए प्रेरित किया गया। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में इस लीग से ऐसे खिलाड़ी सामने आएंगे, जो भारतीय हॉकी टीम में जगह बनाएंगे और देश के लिए पदक जीतेंगे।
समापन समारोह में कई जनप्रतिनिधि हुए शामिल
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा मौजूद रहे। इनके साथ कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, सांसद बृजमोहन अग्रवाल और लीग के एंबेसडर सरदार सिंह भी शामिल हुए।
केंद्रीय मंत्री डॉ. मांडविया ने कहा कि हॉकी भारत की खेल परंपरा का अहम हिस्सा है। उन्होंने मेजर ध्यानचंद के योगदान को याद किया। साथ ही, खेलो इंडिया और फिट इंडिया जैसे अभियानों का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने आयोजन से जुड़े खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और आयोजकों को बधाई दी।
छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के जरिए प्रदेश के खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का अवसर मिला है। इस आयोजन से राज्य में हॉकी को बढ़ावा देने और नई प्रतिभाओं को सामने लाने की उम्मीद है।
फाइनल में मैनपाट टाइटंस ने जीता खिताब
लीग के फाइनल मुकाबले में मैनपाट टाइटंस ने संस्कारधानी स्ट्राइकर्स को 4-2 से हराकर पहला खिताब अपने नाम किया। इस जीत के साथ मैनपाट टाइटंस प्रतियोगिता की विजेता बनी। वहीं, संस्कारधानी स्ट्राइकर्स उपविजेता रही।
इस तरह छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के पहले सीजन का समापन रोमांचक मुकाबले के साथ हुआ। प्रतियोगिता ने स्थानीय खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका दिया।
यह भी पढ़ें – रायपुर : छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 में योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग का स्टॉल बना आकर्षण का केंद्र

