नवा रायपुर में आयोजित छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 के समापन समारोह में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रदेश नक्सलवाद के भय और हिंसा से निकलकर शांति, विकास और समृद्धि की ओर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले दस वर्षों में छत्तीसगढ़ की धरती के साथ यहां के नागरिक भी समृद्ध और खुशहाल होंगे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आयोजित समारोह में अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली प्रतिभाओं और संस्थाओं को राज्य अलंकरण सम्मान प्रदान किए। साथ ही महतारी वंदन योजना की 33वीं किस्त की राशि भी पात्र महिलाओं के खातों में अंतरित की गई।
अटल बिहारी वाजपेयी ने बनाया छत्तीसगढ़, प्रधानमंत्री मोदी ने संवारा
अमित शाह ने पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए कहा कि वर्ष 2000 में उनके नेतृत्व में छत्तीसगढ़ अलग राज्य बना। उन्होंने कहा कि अटल जी ने राज्य निर्माण का काम किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे संवारने का प्रयास किया है।
उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल में हुए विकास कार्यों का भी उल्लेख किया। शाह ने कहा कि राज्य गठन के बाद प्रदेश ने आर्थिक, शैक्षणिक और बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्र में प्रगति की है।
नक्सलवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों और बस्तरवासियों के योगदान को किया नमन
केंद्रीय गृह मंत्री ने नक्सलवाद के विरुद्ध अभियान में केंद्रीय सुरक्षा बलों और छत्तीसगढ़ पुलिस के जवानों के साहस, समर्पण और बलिदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि नक्सली हिंसा के कारण बस्तर सहित आदिवासी क्षेत्रों में स्कूल, सड़क और विकास से जुड़ी सुविधाएं प्रभावित हुई थीं।
उन्होंने कहा कि सरकार की नीति हिंसा छोड़कर आत्मसमर्पण करने वालों को मुख्यधारा में लौटने का अवसर देने की है। वहीं निर्दोष नागरिकों को नुकसान पहुंचाने और कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है। उन्होंने नक्सली हिंसा से प्रभावित लोगों के पुनर्वास के प्रयासों का भी जिक्र किया।
बस्तर में पर्यटन और रोजगार की संभावनाओं को मिलेगा विस्तार
अमित शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक सुंदरता, वन संपदा, खनिज संसाधनों और सांस्कृतिक विरासत से समृद्ध है। नक्सलवाद के कारण लंबे समय तक बस्तर के पर्यटन स्थलों की संभावनाओं का पूरा लाभ नहीं मिल पाया। अब शांति और सुरक्षा का वातावरण बनने से पर्यटन, व्यापार और रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं।
उन्होंने चित्रकोट जलप्रपात, तीरथगढ़ जलप्रपात, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान, मां बम्लेश्वरी मंदिर, मां दंतेश्वरी मंदिर और बस्तर दशहरा जैसे प्रमुख स्थलों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पर्यटन के विकास से स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा और हस्तशिल्प तथा पारंपरिक उत्पादों को बाजार उपलब्ध होगा।
लोककला और जनजातीय परंपराओं को मिल रही नई पहचान
केंद्रीय गृह मंत्री ने छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति और जनजातीय परंपराओं की सराहना की। उन्होंने गुरु घासीदास के सामाजिक समानता के संदेश और गुरु नानक देव जी की शिक्षाओं का उल्लेख किया।
उन्होंने पंथी, पंडवानी, राउत नाचा, करमा और सैला जैसे लोकनृत्यों के साथ बस्तर पंडुम और बस्तर ओलंपिक का भी जिक्र किया। उनके अनुसार, इन आयोजनों से जनजातीय समाज की संस्कृति, पारंपरिक जीवनशैली और खेल प्रतिभाओं को पहचान मिल रही है।
नवा रायपुर बनेगा पीपल सिटी, पांच लाख पौधे लगाने का लक्ष्य
अमित शाह ने नवा रायपुर में विकसित भारत संकल्प पार्क का उल्लेख करते हुए बताया कि यहां करीब 2,500 पीपल के पौधे लगाए गए हैं। उन्होंने नवा रायपुर को पीपल सिटी के रूप में विकसित करने के संकल्प की जानकारी दी।
इस पहल के तहत पांच लाख पीपल के पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने इस अभियान के लिए मंत्री ओ.पी. चौधरी को जिम्मेदारी सौंपे जाने का भी उल्लेख किया। इस पहल का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण और शहर को हरित स्वरूप देना है।
राज्य गठन के बाद बजट और प्रति व्यक्ति आय में हुई वृद्धि
अमित शाह ने छत्तीसगढ़ की 26 वर्षों की विकास यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य गठन के बाद प्रदेश के वार्षिक बजट में लगभग 30 गुना, प्रति व्यक्ति आय में 17 गुना और सकल राज्य घरेलू उत्पाद में करीब 25 गुना वृद्धि हुई है।
उन्होंने बताया कि इस अवधि में आईटीआई संस्थानों की संख्या दोगुनी, इंजीनियरिंग कॉलेजों की संख्या तीन गुना और पॉलिटेक्निक संस्थानों की संख्या छह गुना हुई है। उनके अनुसार, प्रदेश की साक्षरता दर भी लगभग 55 प्रतिशत से बढ़कर 80 प्रतिशत तक पहुंची है।
महतारी वंदन योजना की 33वीं किस्त जारी, महिलाओं को मिले 632 करोड़ रुपये से अधिक
छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 के समापन समारोह में अमित शाह ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में महतारी वंदन योजना की 33वीं किस्त जारी की। इसके तहत 67 लाख 40 हजार 410 पात्र महिलाओं के बैंक खातों में कुल 632 करोड़ 63 लाख 67 हजार 750 रुपये अंतरित किए गए।
इस किस्त से ई-केवाईसी पूर्ण करा चुकीं 67 लाख 33 हजार 502 महिलाओं को लाभ मिला। इसके साथ ही नियद नेल्लानार कैंप क्षेत्रों की 6,908 महिलाओं को भी योजना की राशि प्रदान की गई।
योजना के तहत पात्र विवाहित महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। इसका उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने और परिवार की आवश्यकताओं में उनकी भागीदारी बढ़ाने में सहयोग करना है।
विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिभाओं को मिला राज्य अलंकरण सम्मान
समारोह में साहित्य, कला, संस्कृति, पत्रकारिता, खेल, कृषि, सहकारिता, चिकित्सा, श्रम, विधि, ग्रामीण पर्यटन और जनसेवा सहित अनेक क्षेत्रों में योगदान देने वाली विभूतियों एवं संस्थाओं को राज्य अलंकरण सम्मान प्रदान किए गए।
अमित शाह ने सम्मानित प्रतिभाओं को बधाई देते हुए कहा कि प्रदेश की प्रतिभाएं और सांस्कृतिक विरासत छत्तीसगढ़ की विशिष्ट पहचान हैं। विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तित्व समाज और नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।
नक्सलवाद के अवरोध दूर होने से विकास को मिलेगी नई गति : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि नक्सलवाद लंबे समय से छत्तीसगढ़, विशेषकर बस्तर के विकास में बाधा रहा है। अब शांति और सुरक्षा का वातावरण मजबूत होने से शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, संचार, पर्यटन और रोजगार के क्षेत्र में विकास कार्यों को गति मिलेगी।
उन्होंने सुरक्षा बलों, छत्तीसगढ़ पुलिस और बस्तर की जनता के योगदान की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के अनुरूप जनकल्याणकारी योजनाओं को प्राथमिकता से आगे बढ़ा रही है।
विकसित भारत 2047 के लक्ष्य के अनुरूप विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने विकसित भारत 2047 के लक्ष्य के अनुरूप विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया है। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना के तहत अब तक 21 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि महिलाओं के खातों में भेजी जा चुकी है।
उन्होंने श्री रामलला दर्शन योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि प्रदेश के 55 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या धाम में प्रभु श्रीराम के दर्शन कर चुके हैं। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
बारिश के बावजूद समारोह में बड़ी संख्या में पहुंचे नागरिक
समारोह के अंत में अमित शाह ने बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में उपस्थित नागरिकों के उत्साह और सहभागिता की सराहना की। उन्होंने प्रदेशवासियों को राज्य स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं और छत्तीसगढ़ महतारी को नमन किया।
इस तरह छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 का समापन राज्य की विकास यात्रा, सांस्कृतिक विरासत, जनकल्याणकारी योजनाओं और विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिभाओं के सम्मान के साथ हुआ।
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