छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे खेड़ा गांव को शोक में डुबो दिया है। पुराने कुएं की सफाई के दौरान जहरीली मिथेन गैस के रिसाव से चाचा-भतीजे की मौके पर ही मौत हो गई।
घटना सोमवार को हुई जब मोटरपंप के फुटबॉल में फंसे कचरे को निकालने के लिए पुरुषोत्तम निषाद कुएं में उतरे। कुएं में नीचे मौजूद मिथेन गैस से उनका दम घुटने लगा और वह वहीं बेहोश होकर गिर पड़े। उन्हें बचाने के लिए उनके चाचा दिनेश निषाद बिना किसी सुरक्षा के कुएं में उतरे लेकिन वह भी गैस की चपेट में आ गए।
कुछ ही मिनटों में दोनों की मौत हो गई और गांव में कोहराम मच गया। यह हादसा एक बड़ी चेतावनी है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और एसडीआरएफ की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। दोनों के शव कुएं से निकाले गए और पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए।
घटना की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर कुंदन कुमार सिंह और एसपी भोजराम पटेल मौके पर पहुंचे। कलेक्टर ने मौके पर मौजूद लोगों से कहा कि कोई भी व्यक्ति बिना सुरक्षा उपायों के कुएं, टैंक या गड्ढों में न उतरे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पुराने और उपयोग में नहीं आ रहे कुओं को चिन्हित कर खतरे का टैग लगाया जाए।साथ ही गांव-गांव जाकर जागरूकता अभियान चलाने के आदेश भी दिए गए हैं ताकि भविष्य में ऐसे हादसे टाले जा सकें।
इस दर्दनाक घटना को प्राकृतिक आपदा मानते हुए कलेक्टर ने मुआवजा प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं। वहीं पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले को जांच में लिया है और रिपोर्ट तैयार की जा रही है। गांव में मातम पसरा है, परिजन गहरे सदमे में हैं और पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल बना हुआ है।
विशेषज्ञों का कहना है कि मिथेन जैसी अदृश्य गैसें अक्सर कुओं और बंद टैंकों में जमा होती हैं, जो बेहद खतरनाक होती हैं। थोड़ी सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। इसलिए कुएं में उतरने से पहले पूरी सुरक्षा जरूर बरतनी चाहिए।
