छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में जर्जर सड़कों से परेशान छात्राओं ने प्रशासन से गुहार लगाई है। सकलोर गांव की दर्जनों स्कूली छात्राएं मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय पहुंचीं और अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा।
छात्राओं का कहना है कि हिरमी स्थित स्कूल तक जाने वाली तीन किलोमीटर की सड़क पूरी तरह खराब हो चुकी है। हर दिन कीचड़ और गड्ढों से भरी सड़क पर चलना जोखिम भरा हो गया है, कई बार छात्राएं फिसल कर गिर चुकी हैं। छात्राएं सड़क की मांग को लेकर पूरे गांव में अब एकजुटता दिखाई दे रही है और बच्चों की पहल को सभी सराह रहे हैं।
हिरमी स्थित अल्ट्राटेक सीमेंट संयंत्र ने सकलोर को गोद ग्राम घोषित किया है, फिर भी गांव की हालत नहीं बदली। छात्राओं ने आरोप लगाया कि न तो सड़क बनी है और न ही बच्चों के लिए कोई बस सुविधा उपलब्ध कराई गई है। उनका कहना है कि कंपनी द्वारा CSR फंड के माध्यम से बुनियादी सुविधाएं देने का दावा किया जाता है लेकिन हकीकत अलग है।
छात्राओं ने प्रशासन से मांग की कि या तो तत्काल सड़क मरम्मत कराई जाए या फिर बच्चों के लिए बस की व्यवस्था हो। बच्चों के इस साहसी कदम को स्थानीय अभिभावकों और ग्रामीणों का समर्थन भी मिला है।
ग्रामीणों ने भी प्रशासन से अपील की है कि बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा को ध्यान में रखते हुए जल्द निर्णय लिया जाए। कलेक्टर ने ज्ञापन लेते हुए आश्वासन दिया कि समस्या की जांच कर प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाएगा।

