त्योहारी सीजन में दुर्ग-राजहरा रेल मार्ग पर चलने वाली डेमू ट्रेन तकनीकी खराबी के कारण बीच रास्ते में थम गई। दल्ली राजहरा से दुर्ग की ओर रवाना हुई ट्रेन सिग्नल मिलने के तुरंत बाद रुक गई। जांच में पता चला कि इंजन के एक्सल का तापमान 104 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि सामान्य तापमान 84 डिग्री होता है।
करीब दो घंटे तक कोई निर्णय नहीं होने पर मैकेनिक ने सुरक्षा कारणों से ट्रेन को चलाने से इनकार कर दिया। इस दौरान भिलाई स्टील प्लांट में नाइट शिफ्ट के लिए जा रहे यात्री परेशान होते रहे। अंततः रेलवे ने ट्रेन को रद्द करने की घोषणा की, जिससे टिकट काउंटर पर भीड़ लग गई।
अगली सुबह भी हालात सामान्य नहीं हो सके। अंतागढ़ से आने वाली यात्री ट्रेन एक घंटे देर से पहुंची और राजहरा से दुर्ग जाने वाली सुबह 6:20 बजे की ट्रेन को 50 मिनट की देरी से रवाना किया गया। रेलवे अधिकारियों ने पहले अंतागढ़ ट्रेन को प्राथमिकता दी, जिससे राजहरा-दुर्ग ट्रेन और भी देर से रवाना हुई।
यात्रियों ने सवाल उठाया कि पास में खड़ी इलेक्ट्रिक मेमू ट्रेन को क्यों नहीं चलाया गया। स्टेशन मास्टर ने बताया कि डीजल और इलेक्ट्रिक ट्रेनों के क्रू मेंबर अलग होते हैं, और मेमू ट्रेन के लिए क्रू उपलब्ध नहीं था। सूत्रों के अनुसार, डीजल इंजन की मरम्मत गोंदिया में होती है और समय पर तकनीकी खराबी दूर नहीं की जा सकी।
