उपराष्ट्रपति चुनाव 2025 को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश बी सुदर्शन रेड्डी को अपना संयुक्त उम्मीदवार घोषित किया है। उनका सीधा मुकाबला एनडीए प्रत्याशी और महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन से होगा।
यह ऐलान मंगलवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने किया। उन्होंने कहा कि यह चुनाव केवल सत्ता का नहीं, बल्कि विचारधारा का संघर्ष है। सभी विपक्षी दल इस पर सहमत हैं और इसलिए सुदर्शन रेड्डी को उम्मीदवार बनाया गया है।
मल्लिकार्जुन खड़गे ने बताया कि न्यायमूर्ति बी सुदर्शन रेड्डी का न्यायिक करियर बेहद प्रतिष्ठित रहा है। उन्होंने आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय में न्यायाधीश, गुवाहाटी उच्च न्यायालय में मुख्य न्यायाधीश और सर्वोच्च न्यायालय में न्यायाधीश के रूप में कार्य किया।
रेड्डी सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय के प्रबल समर्थक रहे हैं। उन्होंने कई ऐतिहासिक फैसलों के माध्यम से गरीब और वंचित वर्गों को न्याय दिलाया। खड़गे ने कहा कि उनके फैसले संविधान और मौलिक अधिकारों की रक्षा की मिसाल हैं।
वहीं, सत्ता पक्ष ने पिछले हफ्ते अपने उम्मीदवार के रूप में सीपी राधाकृष्णन का नाम घोषित किया था। वे भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं और इस समय महाराष्ट्र के राज्यपाल के रूप में कार्यरत हैं।
67 वर्षीय राधाकृष्णन तमिलनाडु से आते हैं और उनका राजनीतिक अनुभव काफी व्यापक है। भाजपा संगठन में वे कई अहम जिम्मेदारियाँ निभा चुके हैं। एनडीए खेमे में उनकी उम्मीदवारी को लेकर पूरी एकजुटता दिखाई दे रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि लोकसभा और राज्यसभा के सांसदों वाले निर्वाचक मंडल में एनडीए का बहुमत होने के कारण राधाकृष्णन की जीत लगभग तय है।
हालांकि विपक्षी दल इंडिया ब्लॉक ने इस चुनाव को विचारधारा की लड़ाई बनाकर इसे दिलचस्प बना दिया है। सुदर्शन रेड्डी की उम्मीदवारी विपक्ष की ओर से संविधान, न्याय और गरीबों की आवाज़ को केंद्र में रखने का संकेत देती है।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि समर्थन जुटाने की होड़ में दोनों खेमे किस तरह रणनीति बनाते हैं और उपराष्ट्रपति पद की यह लड़ाई किस दिशा में जाती है।
