अफगानिस्तान में भूकंप का कहर, भारत ने की राहत तैयारियां

अफगानिस्तान भूकंप: भारत ने पीड़ितों के लिए बढ़ाए मदद के हाथ

Cgdarshan
2 Min Read
2 Min Read

अफगानिस्तान में रविवार रात को भूकंप के जबरदस्त झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 6 मापी गई। भूकंप के झटकों से लोग अपने घरों से बाहर निकल आए और भय का माहौल बन गया। प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, 800 से अधिक लोगों की मौत हुई है और 2500 से अधिक लोग घायल हुए हैं।

भारत ने इस मुश्किल समय में अफगानिस्तान के लिए मदद का हाथ बढ़ाया है। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने विनाशकारी भूकंप पर गहरी चिंता व्यक्त की और मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई। उन्होंने आश्वासन दिया कि भारत हर संभव सहायता प्रदान करेगा। प्रधानमंत्री डॉ. नरेंद्र मोदी ने भी अपने ट्वीट में पीड़ितों के प्रति समर्थन व्यक्त किया और राहत कार्य में भारत की तत्परता बताई।

भूकंप का केंद्र नांगरहार प्रांत के जलालाबाद के पास 8 किलोमीटर की गहराई में था। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के अनुसार, रात 11:47 बजे आया यह भूकंप बेहद शक्तिशाली था। लगभग 20 मिनट बाद उसी प्रांत में 4.5 तीव्रता का दूसरा झटका आया।

अफगानिस्तान भूकंप के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्र है। पिछले महीने में यहां पांच बार भूकंप के झटके दर्ज किए गए हैं। 27 अगस्त को 5.4, 17 अगस्त को 4.9, 13 अगस्त को 4.2 और 8 अगस्त को 4.3 तीव्रता के भूकंप आए थे।

भूकंप तब आता है जब पृथ्वी की 7 प्लेट्स टकराती हैं। लगातार दबाव बनने पर प्लेट्स टूटती हैं और ऊर्जा बाहर निकलती है, जिससे झटके महसूस होते हैं। भूकंप का केंद्र वह स्थान होता है जहां यह ऊर्जा सबसे पहले निकलती है।

रिक्टर स्केल से भूकंप की तीव्रता मापी जाती है। यह स्केल 1 से 9 तक होती है। इससे झटकों की भयावहता का अंदाजा लगाया जा सकता है। भारत ने इस कठिन समय में अफगानिस्तान के पीड़ितों के लिए राहत और सहायता देने का आश्वासन दिया है।

Share This Article
Leave a Comment