गुजरात कैबिनेट विस्तार 2025: 19 नए मंत्री शामिल, हर्ष संघवी बने डिप्टी सीएम

भूपेंद्र पटेल सरकार का बड़ा कदम: गुजरात कैबिनेट में 19 नए मंत्री, संघवी उपमुख्यमंत्री बने, रीवाबा जडेजा की एंट्री से महिला सशक्तिकरण को बल

Cgdarshan
3 Min Read
3 Min Read
Advertisement Carousel

गुजरात की राजनीति में शुक्रवार का दिन बेहद ऐतिहासिक रहा। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने अपनी सरकार में 19 नए चेहरों को शामिल करते हुए एक बड़ा कैबिनेट विस्तार किया। इस फेरबदल के साथ राज्य में मंत्री परिषद की संख्या बढ़कर 26 हो गई है।

 नए नेतृत्व को मौका

नए मंत्रियों में युवा और अनुभवी दोनों तरह के विधायकों को शामिल किया गया है। इससे भाजपा ने स्पष्ट संकेत दिया है कि वह आने वाले 2027 विधानसभा चुनावों के लिए नए जोश और रणनीति के साथ तैयारी कर रही है।

 हर्ष संघवी की बड़ी पदोन्नति

पूर्व गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी को अब उपमुख्यमंत्री बनाया गया है। इससे भाजपा ने संगठन में उनके कद और प्रशासनिक क्षमता को सम्मान दिया है। यह कदम चार साल बाद राज्य में डिप्टी सीएम पद की वापसी भी है, जो 2021 में समाप्त कर दिया गया था।

रीवाबा जडेजा की नई राजनीतिक शुरुआत

क्रिकेटर रवींद्र जडेजा की पत्नी रीवाबा जडेजा ने राज्य मंत्री के रूप में शपथ लेकर अपनी नई राजनीतिक पारी की शुरुआत की। रीवाबा की एंट्री ने न केवल महिला सशक्तिकरण को मजबूती दी है बल्कि भाजपा के नए चेहरे और युवा नेतृत्व को भी आगे बढ़ाने के संकल्प को दर्शाया है।

 संतुलित जातीय समीकरण

गुजरात की नई कैबिनेट में सामाजिक प्रतिनिधित्व का पूरा ध्यान रखा गया है।

  • 8 मंत्री पिछड़ा वर्ग से

  • 3 अनुसूचित जाति (SC) से

  • 4 अनुसूचित जनजाति (ST) से

  • और 8 मंत्री पटेल समुदाय से हैं।
    यह रणनीतिक संतुलन भाजपा की चुनावी तैयारी का अहम हिस्सा माना जा रहा है।

वरिष्ठ मंत्रियों की विदाई, नई ऊर्जा का संचार

इस फेरबदल में मुख्यमंत्री ने दस मंत्रियों को हटाते हुए नई टीम पर भरोसा जताया है। हटाए गए नेताओं में बलवंतसिंह राजपूत, राघवजी पटेल, भानुबेन बाबरिया और मुलु बेरा जैसे नाम शामिल हैं। पार्टी ने यह संकेत दिया है कि अब “नया नेतृत्व और नई दिशा” ही भाजपा की प्राथमिकता है।

 राजनीतिक विश्लेषण

राजनीतिक जानकारों के अनुसार यह फेरबदल भाजपा के लिए दोहरे उद्देश्य को साधता है —
1️⃣ संगठनात्मक संतुलन और सामाजिक प्रतिनिधित्व,
2️⃣ 2027 के विधानसभा और निकाय चुनावों की तैयारी।
इसके साथ ही केंद्रीय नेतृत्व की छवि और पकड़ को और मजबूत किया गया है।

Share This Article
Leave a Comment