अमेरिका से डिपोर्टेशन के बाद अनमोल बिश्नोई की गिरफ्तारी: एनआईए की बड़ी कार्रवाई, आतंकवादी–गैंगस्टर गठजोड़ पर कसा शिकंजा

एनआईए ने अमेरिका से डिपोर्ट होकर लौटे अनमोल बिश्नोई को दिल्ली एयरपोर्ट से किया गिरफ्तार

Cgdarshan
Cgdarshan 4 Min Read
4 Min Read
Advertisement Carousel

भारत में आतंकवादी-गैंगस्टर गठजोड़ पर शिकंजा कसने की दिशा में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को एक बड़ी सफलता मिली है। गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के भाई और उसके सबसे करीबी सहयोगियों में से एक, अनमोल बिश्नोई, को अमेरिका से डिपोर्ट किए जाने के तुरंत बाद दिल्ली एयरपोर्ट से एनआईए ने गिरफ्तार कर लिया। एजेंसी यह कार्रवाई लंबे समय से उसकी गतिविधियों पर निगरानी रखने के बाद कर रही थी।

अधिकारियों के अनुसार, अनमोल ने पिछले कई वर्षों तक अमेरिका में बैठकर लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बरार जैसे नामित आतंकवादियों के लिए नेटवर्क संचालित किया। उसने न केवल विदेशी धरती से गिरोह को निर्देश देने का काम किया, बल्कि भारत में जबरन वसूली, हत्या की साजिश और आतंकी गतिविधियों के वित्त पोषण में भी सक्रिय भूमिका निभाई


एनआईए ने क्यों किया गिरफ्तार?

एनआईए की जांच में यह स्थापित हुआ है कि 2020 से 2023 के बीच अनमोल बिश्नोई ने दो प्रमुख कुख्यात नेटवर्क—गोल्डी बरार और लॉरेंस बिश्नोई—को सहायता प्रदान की।
एजेंसी द्वारा पहले दायर चार्जशीट में उसे एक महत्वपूर्ण साजिशकर्ता और ऑपरेटर के रूप में नामित किया गया था।

जांच से यह भी स्पष्ट हुआ कि—

  • अनमोल गिरोह के शूटरों और जमीनी गुर्गों को आश्रय, धन और लॉजिस्टिक सहायता देता था।

  • वह विदेश में रहते हुए भारत में एक संगठित अपराध सिंडिकेट का संचालन करता था।

  • उसने अन्य गैंगस्टरों की मदद से जबरन वसूली और लक्षित हमलों की योजना बनाई।

एनआईए के अनुसार यह गिरफ्तारी आरसी 39/2022/एनआईए/डीएलआई, यानी आतंकी-गैंगस्टर षड्यंत्र मामले से जुड़ी प्रमुख कार्रवाई है।


बाबा सिद्दीकी हत्या केस में अनमोल की भूमिका

अनमोल बिश्नोई को नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (NCP) नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या का मुख्य साजिशकर्ता माना जा रहा है।
12 अक्टूबर 2024 को मुंबई के बांद्रा स्थित कार्यालय के बाहर गोली मारकर सिद्दीकी की हत्या कर दी गई थी। मुंबई पुलिस इस मामले में अब तक 26 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।

चार्जशीट में यह भी उल्लेख है कि—

  • आरोपियों के फोन से मिले ऑडियो क्लिप्स अनमोल की आवाज से मेल खाते हैं

  • विदेश में रहने के बावजूद उसने हत्या की योजना को दिशा दी और नियंत्रित किया।

  • बरामद क्लिप्स में वह सहयोगियों को सीधे निर्देश देता सुना गया

इन सभी प्रमाणों को पुलिस और एनआईए ने अपनी रिपोर्ट में शामिल किया है, जिससे उसका अपराध नेटवर्क और भी स्पष्ट होता है।


परिवार को मिली आधिकारिक सूचना

बाबा सिद्दीकी के बेटे जीशान सिद्दीकी को भी अमेरिकी अधिकारियों की ओर से ईमेल भेजकर इस डिपोर्टेशन की पुष्टि की गई। पीड़ित परिवार की ओर से पंजीकृत विवरण के अनुसार उन्हें हर अपडेट साझा किया जा रहा है।


आगे की प्रक्रिया और एनआईए की रणनीति

एनआईए अब पूछताछ के दौरान—

  • हत्या की साजिश,

  • विदेशी फंडिंग,

  • आतंकी-गैंगस्टर गठजोड़,

  • और लॉरेंस बिश्नोई गिरोह की अंतरराष्ट्रीय गतिविधियों—
    पर विस्तृत जानकारी जुटाएगी।

एजेंसी का लक्ष्य इस पूरे नेटवर्क की आर्थिक और परिचालनिक रीढ़ को तोड़ना है, ताकि ऐसे संगठित अपराध सिंडिकेट को जड़ से खत्म किया जा सके।

Share This Article
Leave a comment