देश में लोकतंत्र के प्रति बढ़ती जागरूकता के बीच थर्ड जेंडर मतदाताओं की भागीदारी में उल्लेखनीय उछाल देखने को मिला है। हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में West Bengal और Puducherry ने इस मामले में नया रिकॉर्ड कायम किया है, जहां 90 प्रतिशत से अधिक थर्ड जेंडर मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण के मतदान के दौरान थर्ड जेंडर समुदाय ने 91.28% वोटिंग दर्ज की, जो पहले चरण के 56.79% के मुकाबले बड़ी बढ़त है। वहीं पुदुचेरी में 91.81% मतदान के साथ इस वर्ग ने सबसे अधिक भागीदारी दिखाई। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि समाज के इस वर्ग में भी अब राजनीतिक जागरूकता तेजी से बढ़ रही है।
अन्य राज्यों की बात करें तो Tamil Nadu में 60.49%, Kerala में 57.04% और Assam में 36.84% थर्ड जेंडर मतदाताओं ने वोट डाला। हालांकि प्रतिशत में अंतर जरूर है, लेकिन भागीदारी में वृद्धि एक सकारात्मक संकेत है।
पिछले लोकसभा चुनावों की तुलना में इस बार की तस्वीर अधिक उत्साहजनक है। 2024 में थर्ड जेंडर मतदाताओं का पंजीकरण बढ़ा था, लेकिन मतदान प्रतिशत केवल 27% ही रहा था। इसके मुकाबले मौजूदा विधानसभा चुनावों में सहभागिता में जबरदस्त सुधार देखा गया है।
गौरतलब है कि Navin Chawla के प्रयासों से ही थर्ड जेंडर समुदाय को मतदाता सूची में ‘अन्य’ श्रेणी के रूप में पंजीकरण की सुविधा मिली। आज चुनाव आयोग द्वारा इस वर्ग को अलग पहचान देने से लोकतंत्र और अधिक समावेशी बनता जा रहा है, जहां हर नागरिक को समान अधिकार और भागीदारी का अवसर मिल रहा है।

