बालोद से रायपुर तक ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों के लिए चिंता बढ़ाने वाली खबर सामने आई है। सिकोसा के पास अज्ञात पत्थरबाजों ने चलती ट्रेन को निशाना बनाया, जिसमें उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर निवासी युवक बुरी तरह घायल हो गया। जबरदस्त वार से युवक लहूलुहान हो गया और यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई।
ट्रेन बालोद स्टेशन पहुंची तो तुरंत एंबुलेंस बुलाकर घायल को जिला अस्पताल भेजा गया। इलाज के बाद उसे छुट्टी दे दी गई, लेकिन इस घटना ने यात्रियों के मन में सुरक्षा को लेकर भय गहरा दिया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यह पहली घटना नहीं है — बालोद–रायपुर रेल मार्ग पर लगातार पत्थरबाजी हो रही है और अधिकारियों के सामने कई बार शिकायतें भी पहुंचाई जा चुकी हैं।
स्थानीय यात्रियों का कहना है कि
🔹 रात के समय इन हमलों का खतरा और बढ़ जाता है
🔹 भीड़ के कारण दरवाजे के पास खड़े रहने वाले यात्री अक्सर निशाने पर होते हैं
🔹 सुरक्षा बल की तैनाती न होने से अपराधियों के हौसले बुलंद हैं
GRP चौकी प्रभारी चैन सिंह नेताम ने भी स्वीकार किया कि स्टाफ की भारी कमी सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावित कर रही है। पहले जहां 12 पुलिसकर्मियों के साथ पेट्रोलिंग होती थी, आज मात्र 3 स्टाफ ड्यूटी पर हैं, जिसके चलते नियमित गश्त असंभव हो गई है। हालांकि उच्च अधिकारियों को स्टाफ उपलब्ध कराने का अनुरोध भेजा जा चुका है।
स्थानीय लोगों और यात्रियों की मांग है कि
🚨 रेलवे सुरक्षा बढ़ाई जाए
🚨 पत्थरबाजों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो
🚨 रात में अतिरिक्त पेट्रोलिंग शुरू की जाए
यात्री कहते हैं कि करोड़ों का राजस्व देने वाली रायपुर–अंतागढ़ रेल लाइन पर सुरक्षा को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। यदि कदम तुरंत नहीं उठाए गए तो कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है।
