पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में शनिवार को आयोजित शिलान्यास समारोह ने राज्य की सियासत में नई हलचल पैदा कर दी है। रेजिनगर में निलंबित टीएमसी विधायक हुमांयू कबीर ने अयोध्या की बाबरी मस्जिद की तर्ज पर नई मस्जिद की आधारशिला रखी। सुबह से ही हजारों की उपस्थिति और भारी सुरक्षा के बीच समारोह संपन्न हुआ।
मौलवियों के साथ मंच पर फीता काटकर कबीर ने कार्यक्रम की शुरुआत की और पूरा वातावरण “नारा-ए-तकबीर, अल्लाहु अकबर” के नारों से गूंज उठा। समारोह को देखते हुए प्रशासन ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस, RAF और केंद्रीय बलों की विशाल टुकड़ियों को तैनात किया।
हुमांयू कबीर ने कहा कि शिलान्यास को रोकने के लिए कई साजिशें की जा रही थीं, लेकिन वे हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार मस्जिद निर्माण पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनके शब्दों में—
“मस्जिद निर्माण कोई ताकत नहीं रोक सकती, चाहे परिस्थिति कैसी भी हो।”
कबीर को इसी सप्ताह टीएमसी से निलंबित किया गया था। पार्टी ने इस कदम को सांप्रदायिक राजनीति से प्रेरित बताया था, जिसके बाद राजनीतिक तनाव और बढ़ गया।
विशेष रूप से, नींव रखने के लिए 6 दिसंबर का चयन — यानी बाबरी मस्जिद विध्वंस की वर्षगांठ — ने पूरे मामले को और संवेदनशील बना दिया है। राज्य प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है, जबकि राजनीतिक हलकों में इस कदम को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं जारी हैं।
