प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ओमान दौरे का दूसरा दिन भारत-ओमान द्विपक्षीय संबंधों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण रहा। ओमान की राजधानी मस्कट में पीएम मोदी ने भारतीय समुदाय और भारत-ओमान बिजनेस फोरम को संबोधित करते हुए कहा कि बीते 11 वर्षों में भारत ने केवल नीतिगत बदलाव नहीं किए, बल्कि अपने आर्थिक डीएनए को भी पूरी तरह रूपांतरित किया है। उनके अनुसार, यही बदलाव आज भारत को वैश्विक निवेश और भरोसे का केंद्र बना रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और ओमान के बीच प्रस्तावित व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (CEPA) दोनों देशों के रिश्तों में नई ऊर्जा और विश्वास का संचार करेगा। उन्होंने इसे 21वीं सदी के लिए ऐतिहासिक निर्णय बताते हुए कहा कि इससे व्यापार को नई गति मिलेगी और निवेशकों का भरोसा और मजबूत होगा।
भारत-ओमान बिजनेस फोरम में अपने संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने दोनों देशों के सदियों पुराने समुद्री रिश्तों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मांडवी और मस्कट के बीच अरब सागर केवल व्यापार का मार्ग नहीं, बल्कि संस्कृति, विश्वास और साझेदारी का प्रतीक रहा है। प्रधानमंत्री ने भावनात्मक शब्दों में कहा कि समुद्र की लहरें और मौसम बदल सकते हैं, लेकिन भारत और ओमान की दोस्ती हर परिस्थिति में मजबूत बनी रहती है।
पीएम मोदी ने भारत की आर्थिक उपलब्धियों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि GST ने भारत को एकीकृत बाजार में बदल दिया है, जबकि दिवालिया एवं शोधन अक्षमता संहिता ने पारदर्शिता बढ़ाकर निवेशकों का विश्वास बढ़ाया है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत आज दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है।
मस्कट में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने भारत की विविधता और सांस्कृतिक समावेशन की परंपरा को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि भारतीय जहां भी रहते हैं, वहां की संस्कृति और नियमों का सम्मान करते हैं, यही भारतीयों की पहचान है। ओमान में बसे भारतीय समुदाय को उन्होंने दोनों देशों के बीच मजबूत सेतु बताया।
प्रधानमंत्री ने दिवाली को यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में शामिल किए जाने पर गर्व जताया और कहा कि अब दिवाली का प्रकाश पूरी दुनिया में भारत की सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक बनेगा। इसके साथ ही उन्होंने भारत की शिक्षा, अंतरिक्ष और तकनीकी उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत जल्द ही अपना स्वयं का अंतरिक्ष स्टेशन स्थापित करेगा।
कुल मिलाकर, पीएम मोदी का यह दौरा भारत-ओमान संबंधों को आर्थिक, सांस्कृतिक और रणनीतिक स्तर पर नई ऊंचाई देने वाला माना जा रहा है।
