गौवंश की ‘अंतिम यात्रा’ पर प्रशासन की रोक, आयोजक समेत कई लोग हिरासत में

रायपुर में गौवंश की अंतिम यात्रा को लेकर बवाल, पुलिस की कार्रवाई से बढ़ा तनाव

Cgdarshan
Cgdarshan 2 Min Read
2 Min Read
Advertisement Carousel

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में उस समय विवाद की स्थिति बन गई, जब शहर के प्रमुख सार्वजनिक मार्गों से गौवंश की ‘अंतिम यात्रा’ निकालने की सूचना प्रशासन को मिली। बताया जा रहा है कि यह यात्रा बिना पूर्व अनुमति के आयोजित की जा रही थी, जिसे देखते हुए प्रशासन ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए यात्रा को रोक दिया। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस और आयोजक पक्ष के समर्थकों के बीच झूमा-झटकी की स्थिति उत्पन्न हो गई।

जानकारी के अनुसार, इस गौवंश अंतिम यात्रा का आयोजन राजनीत चौहान द्वारा किया जा रहा था। प्रशासन को जब यह पता चला कि गौवंश के शव के साथ एक जुलूस शहर के व्यस्त इलाकों से गुजरने वाला है, तो कानून-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए पुलिस बल को मौके पर भेजा गया। पुलिस ने स्थिति को संभालने की कोशिश की, लेकिन विरोध के कारण माहौल कुछ देर के लिए तनावपूर्ण हो गया।

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यात्रा रोकने के दौरान आयोजक के समर्थकों ने नाराजगी जताई, जिसके बाद पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए आयोजक सहित कई लोगों को हिरासत में ले लिया। इसके बाद गौवंश के शव को सार्वजनिक मार्ग से हटाकर नियमानुसार आगे की प्रक्रिया शुरू की गई।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बिना प्रशासनिक अनुमति इस प्रकार की यात्रा निकालना नियमों के विरुद्ध है। इससे यातायात बाधित होने के साथ-साथ सामाजिक सौहार्द और कानून व्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है। इसी कारण समय रहते कार्रवाई करना आवश्यक था। फिलहाल हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ की जा रही है और पूरे मामले की जांच जारी है।

वहीं, आयोजक पक्ष का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार की अव्यवस्था फैलाना नहीं था, बल्कि गौवंश के प्रति सम्मान प्रकट करना था। इस घटना के बाद रायपुर में सार्वजनिक आयोजनों, धार्मिक भावनाओं और प्रशासनिक अनुमति को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कदम उठाए जाएंगे।

Share This Article
Leave a comment