बांग्लादेश एक बार फिर राजनीतिक हिंसा की चपेट में आ गया है। युवा नेता शरिफ उस्मान हादी की हत्या के कुछ ही दिनों बाद, दक्षिण-पश्चिमी शहर खुलना में एक और छात्र नेता मोतालेब सिकदर पर जानलेवा हमला किया गया। अज्ञात हमलावरों ने उन्हें सिर में गोली मार दी, जिससे उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। इस घटना ने पूरे देश में सुरक्षा व्यवस्था और राजनीतिक स्थिरता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
नेशनल सिटिजन पार्टी (NCP) से जुड़े मोतालेब सिकदर पार्टी के खुलना डिवीजन प्रमुख होने के साथ-साथ वर्कर्स फ्रंट के केंद्रीय समन्वयक भी हैं। एनसीपी की जॉइंट प्रिंसिपल कोऑर्डिनेटर महमूदा मिटू ने सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि सिकदर पर अचानक हमला किया गया और उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया।
यह हमला उस समय हुआ है जब बांग्लादेश अभी भी शरिफ उस्मान हादी की हत्या के सदमे से बाहर नहीं आ पाया है। 12 दिसंबर को ढाका के बिजयनगर इलाके में चुनाव प्रचार के दौरान नकाबपोश हमलावरों ने हादी को सिर में गोली मार दी थी। गंभीर रूप से घायल हादी को इलाज के लिए सिंगापुर ले जाया गया था, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। हादी आगामी फरवरी में होने वाले आम चुनावों में उम्मीदवार भी थे और युवाओं के बीच उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती थी।
हादी की मौत के बाद मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने देशभर में शोक दिवस की घोषणा की थी और अपराधियों को जल्द पकड़ने का भरोसा दिलाया था। हालांकि, सिकदर पर हुआ ताजा हमला सरकार के दावों और सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा रहा है।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार हो रही ऐसी घटनाएं न केवल कानून-व्यवस्था को कमजोर कर रही हैं, बल्कि आने वाले चुनावों के शांतिपूर्ण आयोजन को भी खतरे में डाल सकती हैं। ढाका समेत कई शहरों में पहले ही हिंसक प्रदर्शन देखे जा चुके हैं और अब खुलना की यह वारदात हालात और बिगड़ने के संकेत दे रही है।
