निःशुल्क मेगा हेल्थ कैंप सेवा और संवेदना का प्रतीक: आयुर्वेदिक कॉलेज रायपुर में समापन पर बोले राज्यपाल रमेन डेका

आयुर्वेदिक कॉलेज रायपुर में निःशुल्क मेगा हेल्थ कैंप का समापन, राज्यपाल रमेन डेका ने की सराहना

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रायपुर स्थित आयुर्वेदिक कॉलेज में आयोजित पाँच दिवसीय निःशुल्क मेगा हेल्थ कैंप का भव्य समापन हुआ। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका ने शिविर को सेवा, करुणा और सामाजिक उत्तरदायित्व का सशक्त उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन केवल चिकित्सा सुविधा तक सीमित नहीं रहते, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाने की दिशा में एक मजबूत प्रयास होते हैं।

राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि आज भी समाज के गरीब और वंचित वर्ग के लिए गुणवत्तापूर्ण इलाज एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर उन लोगों के लिए आशा की किरण हैं, जो आर्थिक या अन्य कारणों से उपचार से वंचित रह जाते हैं। उन्होंने आयोजकों को इस जनकल्याणकारी पहल के लिए बधाई देते हुए कहा कि “स्वास्थ्य छत्तीसगढ़” का संकल्प ऐसे आयोजनों से ही साकार होता है।

इस मेगा हेल्थ कैंप की विशेषता यह रही कि देश के विभिन्न राज्यों से आए 42 से अधिक प्रतिष्ठित अस्पतालों के 55 से ज्यादा विशेषज्ञ चिकित्सकों ने अपनी सेवाएँ निःशुल्क प्रदान कीं। शिविर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित जांच, आधुनिक कैंसर स्क्रीनिंग, एमआरआई, सीटी स्कैन जैसी उन्नत चिकित्सा सुविधाएँ आम नागरिकों को उपलब्ध कराई गईं। साथ ही जयपुर फुट और कृत्रिम अंग जैसी सेवाओं ने दिव्यांगजनों के जीवन में नई उम्मीद और आत्मनिर्भरता का संचार किया।

राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि आयुर्वेद, एक्यूपंक्चर और अन्य पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों का समावेश भारतीय चिकित्सा परंपरा और आधुनिक विज्ञान के सुंदर समन्वय को दर्शाता है। विभिन्न चिकित्सा प्रणालियों के एक साथ उपयोग ने इस शिविर को और अधिक प्रभावी और व्यापक बनाया।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि मानसिक स्वास्थ्य को राष्ट्रीय विमर्श में लाना और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं के माध्यम से गरीबों को उपचार उपलब्ध कराना ऐतिहासिक कदम हैं। बदलती जीवनशैली के कारण मधुमेह, कैंसर जैसी बीमारियों के बढ़ते खतरे पर चिंता जताते हुए उन्होंने जागरूकता की आवश्यकता पर बल दिया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व राज्यपाल श्री रमेश बैस ने की। उन्होंने कहा कि ऐसे शिविर उन लोगों के लिए वरदान साबित होते हैं, जिनके पास आयुष्मान कार्ड नहीं है और जो महंगे इलाज का खर्च वहन नहीं कर सकते।

शिविर के प्रमुख आयोजक विधायक श्री राजेश मूणत ने जानकारी दी कि इस पाँच दिवसीय स्वास्थ्य शिविर में 13 हजार से अधिक मरीजों की पैथोलॉजी जांच की गई। बीपी और शुगर की प्राथमिक जांच के बाद आवश्यकतानुसार मरीजों को आगे उपचार के लिए रेफर किया गया तथा सात दिनों की निःशुल्क दवाइयाँ भी वितरित की गईं।

समापन अवसर पर उल्लेखनीय योगदान देने वाले चिकित्सकों को राज्यपाल द्वारा सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, श्री सुनील सोनी, महापौर श्रीमती मीनल चौबे, छत्तीसगढ़ मेडिकल कॉरपोरेशन के अध्यक्ष श्री दीपक मास्के सहित बड़ी संख्या में चिकित्सक, नर्स और पैरामेडिकल स्टाफ उपस्थित रहे।

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