मणिपुर में लोकतांत्रिक व्यवस्था बहाल: राष्ट्रपति शासन समाप्त, युमनाम खेमचंद सिंह आज बनेंगे मुख्यमंत्री

मणिपुर में राष्ट्रपति शासन का अंत, नई सरकार के गठन का रास्ता साफ

CG DARSHAN
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मणिपुर में लगभग एक वर्ष से लागू राष्ट्रपति शासन को केंद्र सरकार ने समाप्त कर दिया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के साथ ही राज्य में निर्वाचित सरकार के गठन की प्रक्रिया पूरी हो गई है। इस फैसले को लोकतांत्रिक प्रक्रिया की पुनर्बहाली के रूप में देखा जा रहा है।

गृह मंत्रालय की अधिसूचना

राष्ट्रपति की ओर से जारी अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि संविधान के अनुच्छेद 356(2) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए मणिपुर से राष्ट्रपति शासन तत्काल प्रभाव से वापस लिया गया है। इसके तहत 13 फरवरी 2025 को जारी राष्ट्रपति शासन की घोषणा को 4 फरवरी 2026 से निरस्त कर दिया गया है।

युमनाम खेमचंद सिंह संभालेंगे राज्य की कमान

भारतीय जनता पार्टी के नेता युमनाम खेमचंद सिंह आज शाम 6 बजे मणिपुर के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। इससे पहले भाजपा विधायक दल की बैठक में उन्हें सर्वसम्मति से नेता चुना गया था। उनके नेतृत्व में राज्य को राजनीतिक स्थिरता मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

राष्ट्रपति शासन लागू करने की वजह

गौरतलब है कि 13 फरवरी 2025 को तत्कालीन मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लगाया गया था। उस दौरान राज्य जातीय तनाव, हिंसा और प्रशासनिक अस्थिरता से जूझ रहा था, जिसके चलते केंद्र सरकार को यह संवैधानिक कदम उठाना पड़ा।

आगे की राह

राष्ट्रपति शासन की समाप्ति के बाद मणिपुर में शांति, विकास और विश्वास बहाली की दिशा में नई सरकार से ठोस कदम उठाने की अपेक्षा की जा रही है। आने वाले समय में कानून-व्यवस्था सुधार और सामाजिक समरसता सरकार की प्राथमिकता मानी जा रही है।

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