मध्य प्रदेश के Indore में हाल ही में हुई भयावह घटना ने इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। चार्जिंग के दौरान एक इलेक्ट्रिक कार में लगी आग ने कुछ ही मिनटों में पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे आठ लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे ने यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या EV वास्तव में सुरक्षित हैं?
भारत में EV हादसों की हकीकत
Ministry of Road Transport and Highways (MoRTH) के आंकड़ों के मुताबिक, 2023 से 2025 के बीच देश में 23,865 EV दुर्घटनाएं दर्ज हुईं।
औसतन रोज़ 25 हादसे
इनमें से केवल 26 मामलों में आग लगी
यानी आग की घटनाएं कम हैं, लेकिन जब होती हैं तो जानलेवा साबित होती हैं।
हाल के EV आग के मामले
Ghaziabad में चार्जिंग के दौरान शॉर्ट सर्किट से आग
Delhi के शाहदरा में ई-रिक्शा चार्जिंग पॉइंट पर आग
Hapur में EV आग की घटना
इन घटनाओं में एक बात समान है—ज्यादातर आग चार्जिंग के समय लगी।
क्यों लगती है EV में आग?
1. शॉर्ट सर्किट और थर्मल रनअवे
EV बैटरियों में आग लगने का मुख्य कारण शॉर्ट सर्किट होता है। इससे बैटरी का तापमान तेजी से बढ़कर 100°C से अधिक हो जाता है, जिसे थर्मल रनअवे कहा जाता है।
2. खराब बैटरी और BMS
कम गुणवत्ता वाले सेल, कमजोर डिजाइन और खराब बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) आग के जोखिम को बढ़ाते हैं।
3. गलत चार्जिंग आदतें
एक्सटेंशन कॉर्ड का उपयोग
ढीले प्लग और खराब सॉकेट
बिना अर्थिंग के कनेक्शन
लोकल चार्जर का इस्तेमाल
ये सभी कारण आग की संभावना बढ़ाते हैं।
4. गर्म बैटरी को तुरंत चार्ज करना
लंबी ड्राइव के बाद बैटरी गर्म रहती है। ऐसे में तुरंत चार्जिंग करना खतरनाक हो सकता है।
चार्जिंग पॉइंट: असली खतरा
रिपोर्ट्स के अनुसार, लगभग 90% मामलों में आग बैटरी से नहीं, बल्कि चार्जिंग पॉइंट, वायरिंग या सॉकेट की खराबी से शुरू होती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि EV का सबसे जोखिम भरा समय ड्राइविंग नहीं, बल्कि चार्जिंग के दौरान होता है।
सरकार के सख्त सुरक्षा नियम
EV हादसों को रोकने के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं:
AIS-156 और AIS-038 (Rev 2) सुरक्षा मानक लागू
विशेषज्ञ समिति (DRDO, IISc, NSTL) द्वारा जांच
दोषपूर्ण वाहनों की रिकॉल प्रक्रिया
केंद्रीय मंत्री Nitin Gadkari ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाली कंपनियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
कैसे करें सुरक्षित EV उपयोग?
✔ केवल कंपनी का प्रमाणित चार्जर ही इस्तेमाल करें
✔ वायरिंग और अर्थिंग की जांच जरूर करें
✔ चार्जिंग के समय वाहन को निगरानी में रखें
✔ ओवरहीटिंग पर तुरंत चार्जिंग रोकें
✔ घर के बाहर असुरक्षित जगह पर चार्जिंग पॉइंट न बनाएं

