सेमीकंडक्टर सेक्टर में भारत की बड़ी छलांग: नरेंद्र मोदी ने दिया ग्लोबल ग्रोथ का संकेत

CG DARSHAN
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भारत ने सेमीकंडक्टर निर्माण के क्षेत्र में एक अहम उपलब्धि हासिल करते हुए गुजरात के साणंद में नए प्लांट की शुरुआत की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केन्स सेमीकॉन यूनिट का उद्घाटन कर देश को तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने का संदेश दिया।

उद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री ने प्लांट का दौरा किया और इंजीनियरों तथा तकनीकी स्टाफ से बातचीत कर उनके योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत अब ‘मेक इन इंडिया’ से आगे बढ़कर ‘मेक फॉर द वर्ल्ड’ की दिशा में तेजी से काम कर रहा है।

अपने संबोधन में उन्होंने साणंद को वैश्विक टेक्नोलॉजी मानचित्र पर उभरता केंद्र बताते हुए कहा कि यह क्षेत्र अब सिलिकॉन वैली से जुड़कर एक नई औद्योगिक कड़ी बना रहा है। यहां निर्मित उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय मांग इस बात का संकेत है कि भारत वैश्विक सप्लाई चेन में मजबूत भूमिका निभा रहा है।

केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस परियोजना को बड़ी सफलता बताते हुए कहा कि मात्र 14 महीनों में निर्माण से उत्पादन तक का सफर तय करना भारत की तेजी और प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि सरकार इस वर्ष चार सेमीकंडक्टर प्लांट शुरू करने की दिशा में काम कर रही है।

प्रधानमंत्री ने वैश्विक चुनौतियों का जिक्र करते हुए कहा कि महामारी और सप्लाई चेन बाधाओं के बावजूद भारत ने तकनीकी क्षेत्र में अपनी गति बनाए रखी है। उन्होंने बताया कि देश में 1.60 लाख करोड़ रुपये के 10 बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम जारी है, जो भविष्य में भारत को टेक्नोलॉजी हब के रूप में स्थापित करेंगे।

भारत का सेमीकंडक्टर बाजार तेजी से विस्तार कर रहा है और आने वाले वर्षों में इसके दोगुना होने की संभावना जताई जा रही है। यह न केवल देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा।

गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि राज्य में मजबूत औद्योगिक और लॉजिस्टिक ढांचा तैयार किया जा रहा है, जिससे निवेश और उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।

करीब 3,300 करोड़ रुपये की लागत से बने इस प्लांट में चिप्स की पैकेजिंग और टेस्टिंग की जाएगी। यहां तैयार होने वाले एडवांस्ड पावर मॉड्यूल्स ऑटोमोबाइल और औद्योगिक क्षेत्रों में उपयोग किए जाएंगे। उत्पादन के सभी चरण पूरे होने के बाद यह यूनिट प्रतिदिन लाखों यूनिट का उत्पादन करने में सक्षम होगी।

यह प्लांट भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर बाजार में एक विश्वसनीय और मजबूत भागीदार के रूप में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकता है।

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