मेरठ के चर्चित नीला ड्रम हत्याकांड में कोर्ट की सुनवाई के दौरान एक महत्वपूर्ण सबूत सामने आया है, जिसने मामले की दिशा को और स्पष्ट कर दिया है। गेस्ट हाउस के मैनेजर की गवाही ने आरोपियों की गतिविधियों पर नया प्रकाश डाला है।
जिला जज अनुपम कुमार की अदालत में चल रही सुनवाई में हिमाचल प्रदेश के कसौल स्थित पूर्णिमा गेस्ट हाउस के मैनेजर अमन कुमार ने गवाही दी। उन्होंने अदालत को बताया that आरोपी साहिल और मुस्कान उनके होटल में पति-पत्नी बनकर ठहरे थे और उसी आधार पर उन्होंने कमरा बुक कराया था।
रजिस्टर एंट्री और आईडी बने अहम साक्ष्य
मैनेजर ने गवाही के दौरान होटल रजिस्टर में दर्ज एंट्री और दोनों आरोपियों द्वारा जमा किए गए पहचान पत्र अदालत के सामने पेश किए। इन दस्तावेजों को केस में महत्वपूर्ण सबूत माना जा रहा है, जिससे आरोपियों की गतिविधियों की पुष्टि होती है।
मामले में लगातार बढ़ रही गंभीरता
इस गवाही के बाद अभियोजन पक्ष की स्थिति और मजबूत हुई है। अदालत में दर्ज हो रहे गवाहों के बयान केस को निर्णायक मोड़ की ओर ले जा रहे हैं।
जेल में हैं दोनों आरोपी
सौरभ हत्याकांड में मृतक की पत्नी मुस्कान और उसका कथित प्रेमी साहिल फिलहाल चौधरी चरण सिंह जिला कारागार में बंद हैं। अदालत पहले ही दोनों की जमानत याचिकाएं खारिज कर चुकी है।
अगली सुनवाई 7 अप्रैल को
अब इस मामले की अगली सुनवाई 7 अप्रैल को तय की गई है। इस दिन मृतक के दोस्त संजीव पाल की गवाही दर्ज की जाएगी, जिसे इस केस में बेहद अहम माना जा रहा है। इसके बाद केस आगे की कानूनी प्रक्रिया में प्रवेश कर सकता है।
नीला ड्रम केस में लगातार सामने आ रहे तथ्यों के बीच अब अदालत के अगले कदम पर सबकी नजरें टिकी हैं।

