छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में सुरक्षा बलों ने माओवादी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। नेशनल पार्क क्षेत्र के जंगल और पहाड़ी इलाकों में चल रहे संयुक्त सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच कई चरणों में मुठभेड़ हुई, जिसमें अब तक कुल 6 माओवादी कैडरों के शव बरामद किए गए हैं।
18 जनवरी को दो और माओवादी मारे गए
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, 18 जनवरी 2026 को अपराह्न हुई ताजा मुठभेड़ के बाद इलाके में की गई सर्चिंग के दौरान दो वर्दीधारी माओवादी कैडरों के शव मिले। इनके पास से एक INSAS राइफल और एक .303 राइफल बरामद की गई है।
अब तक 4 महिला कैडर सहित 6 माओवादी ढेर
पूरे बीजापुर मुठभेड़ और सर्च ऑपरेशन के दौरान अब तक 6 माओवादी कैडरों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जिनमें 4 महिला माओवादी कैडर भी शामिल हैं। यह कार्रवाई माओवादियों की नेशनल पार्क एरिया कमेटी के खिलाफ मानी जा रही है।
AK-47 समेत 6 हथियार जब्त
सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ स्थल से AK-47, INSAS, कार्बाइन और .303 राइफल सहित कुल 6 ग्रेडेड हथियार बरामद किए हैं। पुलिस का कहना है कि इससे इलाके में माओवादी गतिविधियों को बड़ा झटका लगा है।
17 जनवरी से जारी है संयुक्त अभियान
बीजापुर पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र यादव ने बताया कि 17 जनवरी 2026 से डीआरजी, कोबरा और एसटीएफ की संयुक्त टीम द्वारा सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया था। अभियान के दौरान माओवादियों और सुरक्षा बलों के बीच रुक-रुक कर फायरिंग होती रही।
कुख्यात माओवादी नेताओं की हुई पहचान
अब तक की पहचान प्रक्रिया में मारे गए माओवादियों को नेशनल पार्क एरिया कमेटी के सक्रिय कैडरों के रूप में चिन्हित किया गया है। इनमें DVCM दिलीप बेड़जा, ACM माड़वी कोसा, ACM लक्खी मड़काम और पार्टी मेंबर राधा मेट्टा शामिल हैं। शेष दो माओवादियों की पहचान की कार्रवाई जारी है।
IG बस्तर का बयान
बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पट्टिलिंगम ने कहा कि बस्तर क्षेत्र में शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करना सुरक्षा बलों की सर्वोच्च प्राथमिकता है। माओवादी हिंसा के खिलाफ यह अभियान पूरी मजबूती और समन्वय के साथ जारी रहेगा।
इलाके में लगातार सर्चिंग
मुठभेड़ के बाद आसपास के क्षेत्रों में सघन सर्चिंग अभियान लगातार चलाया जा रहा है। अभियान पूर्ण होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट अलग से साझा की जाएगी।
