रायपुर/सूरजपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सूरजपुर दौरे के दौरान डीएमएफ फंड से स्थापित अरुणोदय कोचिंग इंस्टीट्यूट का निरीक्षण कर वहां अध्ययनरत विद्यार्थियों से संवाद किया। मुख्यमंत्री ने छात्रों की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, अनुभव और भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी ली और उन्हें आत्मविश्वास के साथ लक्ष्य की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
अरुणोदय कोचिंग इंस्टीट्यूट पूरी तरह शासकीय एवं निःशुल्क व्यवस्था के तहत संचालित है, जहां आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के विद्यार्थियों को विशेषज्ञ शिक्षकों का मार्गदर्शन, गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री और अनुकूल शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जाता है। यह संस्थान जिले के युवाओं के लिए अवसर और आत्मनिर्भरता का मजबूत माध्यम बनकर उभरा है।
मुख्यमंत्री को जानकारी दी गई कि अरुणोदय कोचिंग से प्रशिक्षित विद्यार्थियों ने पीएससी, व्यापम, एसएससी, रेलवे, शिक्षक भर्ती सहित विभिन्न प्रतिष्ठित परीक्षाओं में सफलता हासिल की है। इन उपलब्धियों ने न केवल विद्यार्थियों के जीवन को नई दिशा दी है, बल्कि पूरे जिले की शैक्षणिक छवि को भी सशक्त किया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने विद्यार्थियों की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह उपलब्धि संस्थान की मजबूत शैक्षणिक रणनीति, समर्पित शिक्षकों और प्रशासनिक सहयोग का परिणाम है। उन्होंने जिला प्रशासन को इस प्रभावी पहल के लिए बधाई देते हुए कहा कि जब शासन की मंशा और सामाजिक जिम्मेदारी एक साथ आगे बढ़ती हैं, तो सकारात्मक बदलाव सुनिश्चित होते हैं।
मुख्यमंत्री ने डीएमएफ फंड की उपयोगिता पर जोर देते हुए कहा कि यह फंड खनन प्रभावित क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए बनाया गया है। शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास और बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्र में इसके माध्यम से किए जा रहे कार्य दूरस्थ और पिछड़े इलाकों में नई संभावनाएं पैदा कर रहे हैं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को ट्राइबल यूथ हॉस्टल, दिल्ली तथा रायपुर स्थित नालंदा परिसर की सुविधाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार युवाओं को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बेहतर संसाधन और आधुनिक अध्ययन वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही प्रदेश में 34 स्थानों पर हाईटेक लाइब्रेरी निर्माण को शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम बताया।
संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने पारदर्शी और निष्पक्ष पीएससी परीक्षा प्रणाली पर जोर देते हुए कहा कि राज्य शासन भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त है और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। अंत में उन्होंने अपने जीवन संघर्ष और अनुभव साझा कर विद्यार्थियों को बड़े सपने देखने, लक्ष्य तय करने और पूरी लगन से मेहनत करने का संदेश दिया।
