भारतीय फूड इंडस्ट्री को बड़ा झटका: बिकाजी के संस्थापक शिव रतन अग्रवाल का निधन

CG DARSHAN
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भारतीय पैकेज्ड फूड सेक्टर के लिए यह एक दुखद दिन है। Shiv Ratan Agarwal के निधन ने उद्योग जगत को गहरी क्षति पहुंचाई है। 74 वर्षीय इस दिग्गज उद्यमी ने Chennai में अंतिम सांस ली। उनके जाने से भारतीय स्नैक इंडस्ट्री का एक महत्वपूर्ण स्तंभ टूट गया है।

सूत्रों के मुताबिक, Shiv Ratan Agarwal पिछले कुछ समय से चेन्नई में थे, जहां वह अपनी पत्नी की देखभाल कर रहे थे। अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।

उनकी पहचान केवल एक उद्योगपति के रूप में नहीं, बल्कि एक दूरदर्शी उद्यमी के रूप में भी थी। वह Haldiram’s से जुड़े उस परिवार से थे, जिसने भारतीय नमकीन को एक नई पहचान दी। Ganga Bishan Haldiram के वंशज होने के बावजूद उन्होंने अपनी अलग राह चुनी और खुद का ब्रांड खड़ा किया।

1993 में उन्होंने Bikaji Foods International की स्थापना की, जिसने देखते ही देखते देश और विदेशों में अपनी मजबूत पहचान बना ली। बीकानेर की पारंपरिक भुजिया और नमकीन को आधुनिक पैकेजिंग और मार्केटिंग के साथ पेश कर उन्होंने इसे वैश्विक स्तर पर लोकप्रिय बनाया।

Bikaji Foods International आज रेडी-टू-ईट और पैकेज्ड फूड सेगमेंट में एक प्रमुख नाम है। कंपनी ने न केवल भारतीय बाजार में, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी विस्तार किया, जिससे भारतीय स्वाद को वैश्विक मंच मिला।

उनकी व्यावसायिक रणनीति में परंपरा और आधुनिकता का संतुलन साफ झलकता था। यही कारण रहा कि बिकाजी ने तेजी से विकास करते हुए उपभोक्ताओं का भरोसा जीता।

उनके निधन पर Ashok Gehlot सहित कई प्रमुख हस्तियों ने शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शिव रतन अग्रवाल ने न केवल एक सफल ब्रांड बनाया, बल्कि भारत की पारंपरिक खाद्य संस्कृति को दुनिया भर में पहुंचाने का काम किया।

Shiv Ratan Agarwal की विरासत आने वाले समय में भी उद्योग जगत को प्रेरित करती रहेगी। उनका जीवन इस बात का उदाहरण है कि कैसे दूरदृष्टि, मेहनत और नवाचार के दम पर एक क्षेत्रीय कारोबार को वैश्विक पहचान दी जा सकती है।

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