देश के पूर्वोत्तर राज्य में असम में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है। कई जिलों में हजारों लोग प्रभावित हैं और राहत कार्य तेज किए गए हैं। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य के सांसदों के साथ समीक्षा बैठक कर हालात की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार असम सरकार के साथ मिलकर प्रभावित लोगों तक हरसंभव सहायता पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रही है।
प्रधानमंत्री ने नागरिकों की सुरक्षा और कुशलक्षेम की कामना करते हुए भरोसा दिलाया कि राहत एवं पुनर्वास कार्यों में किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी।
असम में बाढ़ पर केंद्र सरकार ने तेज की निगरानी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर बताया कि बैठक में राज्य के विभिन्न क्षेत्रों की स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि प्रशासन को राहत कार्यों में तेजी लाने और प्रभावित परिवारों तक आवश्यक सुविधाएं पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।
केंद्र और राज्य सरकार के बीच लगातार समन्वय बनाया जा रहा है। इसका उद्देश्य बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों को और प्रभावी बनाना है।
शिवसागर समेत कई जिलों में राहत अभियान जारी
असम में बाढ़ का सबसे अधिक असर शिवसागर जिले के नौजान गांव सहित कई इलाकों में देखा जा रहा है। घरों में पानी भरने से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। कई सड़कें जलमग्न होने से आवागमन भी प्रभावित हुआ है।
प्रशासन ने राहत शिविरों में भोजन, पेयजल और आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की है। साथ ही बचाव दल लगातार प्रभावित परिवारों तक पहुंच रहे हैं।
विधायकों ने राहत कोष के लिए किया बड़ा एलान
बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए असम में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के समर्थन में रायजोर दल को छोड़कर अधिकांश विधायकों ने अपने एक महीने का वेतन दान करने की घोषणा की। विधानसभा अध्यक्ष रणजीत कुमार दास और उपाध्यक्ष हब्बे टेरोन ने भी इस पहल में भाग लेने की बात कही।
विधानसभा सचिवालय के कर्मचारियों ने भी एक दिन का वेतन राहत कार्यों के लिए देने का निर्णय लिया। संसदीय कार्य मंत्री पीयूष हजारिका ने बताया कि भाजपा के सभी विधायक इस अभियान का हिस्सा बनेंगे। तृणमूल कांग्रेस के विधायक शेरमन अली अहमद ने भी एक महीने का वेतन दान करने की घोषणा की।
वायुसेना ने बचाए 458 लोग, राहत सामग्री भी पहुंचाई
भारतीय वायुसेना असम और नागालैंड के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव अभियान चला रही है। पिछले दस दिनों में हेलीकॉप्टरों की मदद से 458 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है।
इसके अलावा नौ टन से अधिक राहत सामग्री हवाई मार्ग से प्रभावित इलाकों तक पहुंचाई गई है। खराब मौसम के बावजूद राहत अभियान लगातार जारी है। असम में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में वायुसेना की भूमिका महत्वपूर्ण बनी हुई है।
एक नजर में
- पीएम मोदी ने सांसदों के साथ समीक्षा बैठक की।
- केंद्र सरकार ने हरसंभव सहायता का भरोसा दिया।
- विधायकों ने एक महीने का वेतन दान किया।
- वायुसेना ने 458 लोगों को सुरक्षित बचाया।
- नौ टन से अधिक राहत सामग्री पहुंचाई गई।

