Kerala elections के नतीजों के बाद कांग्रेस के भीतर मुख्यमंत्री पद को लेकर गहन मंथन शुरू हो गया है। यूडीएफ की जीत के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि राज्य की बागडोर किसे सौंपी जाएगी। पार्टी सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी ने साफ संकेत दिया है कि Kerala elections के जनादेश का सम्मान करते हुए विधायक दल को अपने नेता का चुनाव करने का अधिकार दिया जाएगा।
वेणुगोपाल, सतीशन और चेनीथला के बीच मुकाबला तेज
Kerala elections के बाद मुख्यमंत्री पद की दौड़ में केसी वेणुगोपाल, वीडी सतीशन और रमेश चेनीथला प्रमुख दावेदार बनकर उभरे हैं। जहां वेणुगोपाल को संगठन का मजबूत चेहरा माना जाता है, वहीं सतीशन युवा नेतृत्व का प्रतिनिधित्व करते हैं। दूसरी ओर, चेनीथला का अनुभव और वरिष्ठता उन्हें मजबूत दावेदार बनाती है।
पार्टी के भीतर यह भी चर्चा है कि Kerala elections के बाद किसी बाहरी हस्तक्षेप के बजाय विधायकों की सहमति से ही अंतिम निर्णय लिया जाए।
राहुल गांधी की अंतिम भूमिका, सर्वसम्मति बनाने पर जोर
मुख्यमंत्री पद को लेकर अंतिम मुहर राहुल गांधी ही लगाएंगे, लेकिन वे लगातार इस बात पर जोर दे रहे हैं कि Kerala elections के बाद विधायकों की राय को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। पार्टी पर्यवेक्षकों को भी निर्देश दिया गया है कि वे आम सहमति बनाने की दिशा में काम करें।
कांग्रेस नेतृत्व इस बार संतुलित और रणनीतिक निर्णय लेने की कोशिश में है, ताकि Kerala elections के बाद बनने वाली सरकार स्थिर और प्रभावी साबित हो सके।

